सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक करने -कछला घाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों कांवड़ियों ने भरा गंगाजल।
कछला में शुरू हुई कांवड़ यात्रा: एमपी-यूपी से पहुंचे हजारों श्रद्धालु, प्रशासन अलर्ट।
बदायूं 2 अगस्त।
सावन मास की शुरुआत के साथ ही गंगा तट स्थित तीर्थनगरी कछला में भक्ति का माहौल है। सावन के पहले सोमवार को जलाभिषेक के लिए आज शिवभक्तों की भारी भीड़ कछला घाट पर देखी गई। “हर-हर गंगे” और “बोल बम” के जयकारों से पूरा घाट गूंजता रहा।
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों कांवड़ियों की टोलियां गंगाजल लेकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हुईं।
गोला गोकर्णनाथ, पीलीभीत, हल्द्वानी, लखीमपुर खीरी, पूरनपुर, बरेली के साथ ही यूपी के आगरा, फिरोजाबाद, एटा, बदायूं और कासगंज सहित आसपास के जनपदों से श्रद्धालु निजी वाहनों और रोडवेज बसों से कछला पहुंचे।
कछला पहुंचकर श्रद्धालु सबसे पहले पवित्र गंगा में आस्था की डुबकी लगाते हैं। इसके बाद तीर्थपुरोहितों की मौजूदगी में कांवड़ उठाने का पारंपरिक संकल्प लिया जाता है।
स्थानीय बाजारों से बांस, कलश और फूल खरीदकर कांवड़ को सजाया जाता है। फिर कछला घाट पर विधिवत पूजन कर गंगाजल भरा जाता है। मान्यता है कि यहां का जल लेकर शिवलिंग का अभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
पीलीभीत से आए मनोज कुमार ने बताया, मैं हर साल कछला से ही जल लेकर जाता हूं और गांव के चौंसठ योगिनी मंदिर में भगवान का अभिषेक करता हूं। इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है।
पूरनपुर से आए ध्रुवेंद्र राजौरिया ने कहा, पहले सोमवार को कछला से जल ले जाकर हम सिद्धेश्वर नाथ मंदिर में जलाभिषेक करते हैं। इसके बाद महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर देश-दुनिया में शांति की कामना करते हैं।
कांवड़ियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने घाट पर सुरक्षा, पेयजल और चिकित्सा की विशेष व्यवस्थाएं की हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे सावन माह कछला में इसी तरह भक्तों की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।
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