

डीआईजी का सख्त फरमान: बिना अनुमति नहीं लगेगा शिविर, महिला कांवड़ियों के लिए अलग इंतजाम, डीजे पर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन लागू।
बदायूं 2 जुलाई।
कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन ने कमर कस ली है। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बुधवार को बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के पुलिस कप्तानों के साथ वर्चुअल बैठक कर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। इस बार यात्रा में कई सख्त नियम लागू होंगे।
डीआईजी ने साफ किया कि बिना अनुमति कोई भी कांवड़ शिविर नहीं लगाया जाएगा। शिविर मुख्य सड़क से पर्याप्त दूरी पर ही लगाने होंगे। हर शिविर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। शिविर में सेवा देने वाले हर सेवादार के गले में पहचान पत्र लटकाना जरूरी है। बिना आईडी कार्ड के किसी को भी शिविर में प्रवेश नहीं मिलेगा। महिला कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए अलग से विशेष व्यवस्था की जाएगी।
आग की घटनाओं से बचने के लिए शिविरों की रसोई में टिन शेड लगाना होगा। साथ ही अग्निशमन सिलिंडर रखना अनिवार्य किया गया है। पूरे कांवड़ मार्ग को सुपर जोन, जोन और सेक्टर में बांटा जाएगा। पैदल और बाइक गश्त की दूरी पहले से तय होगी। धार्मिक स्थलों पर सीसी कैमरे और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। मार्ग के आसपास के अस्पतालों में कांवड़ियों के लिए बेड आरक्षित रहेंगे। घाटों पर एसडीआरएफ, फ्लड पीएसी, नाव, जीवन रक्षक जैकेट और बैरिकेडिंग की व्यवस्था रहेगी।
कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फुट तय की गई है। इससे ऊंची कांवड़ ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। डीजे वाहनों की ऊंचाई, चौड़ाई और ध्वनि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक ही रखनी होगी। नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई होगी।
चारों जिलों में समन्वय बनाकर संयुक्त रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति वाले वाहनों के लिए अलग मार्ग निर्धारित होगा। मार्ग पर रिफ्लेक्टर वाले सीमेंटेड बैरियर लगाए जाएंगे। पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम कम से कम रखने के निर्देश हैं। कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली शराब और मांस की दुकानों पर विशेष सतर्कता रहेगी। इन दुकानों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित रहेगी।
डीआईजी ने प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए लाइन, बैरिकेडिंग और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था करने को कहा है। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने कहा कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना पहली प्राथमिकता है। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होने की संभावना है।
डीआईजी का सख्त फरमान: बिना अनुमति नहीं लगेगा शिविर, महिला कांवड़ियों के लिए अलग इंतजाम, डीजे पर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन लागू।
बदायूं 2 जुलाई।
कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन ने कमर कस ली है। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बुधवार को बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के पुलिस कप्तानों के साथ वर्चुअल बैठक कर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। इस बार यात्रा में कई सख्त नियम लागू होंगे।
डीआईजी ने साफ किया कि बिना अनुमति कोई भी कांवड़ शिविर नहीं लगाया जाएगा। शिविर मुख्य सड़क से पर्याप्त दूरी पर ही लगाने होंगे। हर शिविर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। शिविर में सेवा देने वाले हर सेवादार के गले में पहचान पत्र लटकाना जरूरी है। बिना आईडी कार्ड के किसी को भी शिविर में प्रवेश नहीं मिलेगा। महिला कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए अलग से विशेष व्यवस्था की जाएगी।
आग की घटनाओं से बचने के लिए शिविरों की रसोई में टिन शेड लगाना होगा। साथ ही अग्निशमन सिलिंडर रखना अनिवार्य किया गया है। पूरे कांवड़ मार्ग को सुपर जोन, जोन और सेक्टर में बांटा जाएगा। पैदल और बाइक गश्त की दूरी पहले से तय होगी। धार्मिक स्थलों पर सीसी कैमरे और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। मार्ग के आसपास के अस्पतालों में कांवड़ियों के लिए बेड आरक्षित रहेंगे। घाटों पर एसडीआरएफ, फ्लड पीएसी, नाव, जीवन रक्षक जैकेट और बैरिकेडिंग की व्यवस्था रहेगी।
कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फुट तय की गई है। इससे ऊंची कांवड़ ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। डीजे वाहनों की ऊंचाई, चौड़ाई और ध्वनि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक ही रखनी होगी। नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई होगी।
चारों जिलों में समन्वय बनाकर संयुक्त रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति वाले वाहनों के लिए अलग मार्ग निर्धारित होगा। मार्ग पर रिफ्लेक्टर वाले सीमेंटेड बैरियर लगाए जाएंगे। पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम कम से कम रखने के निर्देश हैं। कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली शराब और मांस की दुकानों पर विशेष सतर्कता रहेगी। इन दुकानों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित रहेगी।
डीआईजी ने प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए लाइन, बैरिकेडिंग और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था करने को कहा है। डीआईजी अजय कुमार साहनी ने कहा कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना पहली प्राथमिकता है। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होने की संभावना है।
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com

