10:24 am Sunday , 19 July 2026
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हल्की बारिश में तालाब बना उझानी का घंटाघर मार्केट, कीचड़ और बदबू से दुकानदार बेहाल।

नालियां चोक, नगर पालिका बेपरवाह: बारिश होते ही ग्राहक गायब, दुकानदार बोले- सांस लेना मुश्किल।

उझानी-बदांयू 2 जुलाई।

जरा सी बारिश हुई नहीं कि उझानी का मुख्य घंटाघर मार्केट तालाब में तब्दील हो जाता है। चोक नालियों का खामियाजा यहां के सैकड़ों दुकानदार और हजारों राहगीर हर मानसून में झेलते हैं। आलम यह है कि हल्की बारिश में ही पूरा बाजार नालियों की कीचड़ और गंदे पानी से पट जाता है।

बृहस्पतिवार दोपहर हुई बारिश ने एक बार फिर मार्केट की पोल खोल दी। दुकानदारों के मुताबिक बारिश रुकते ही नालियों का कीचड़ और बदबूदार पानी सड़कों पर भर गया। दुकानों के आगे घुटनों तक गंदा पानी जमा हो गया। ग्राहक तो दूर, राहगीरों को भी नाक बंद कर इसी कीचड़ से होकर गुजरना पड़ा।

दुकानदार मनोज गोयल, अभिनव सक्सेना ने बताया, “बारिश के बाद कीचड़ की बदबू से दुकान पर बैठना मुश्किल हो गया। ग्राहक आते ही नाक पर रुमाल रखकर लौट जाते हैं। पूरा दिन बिक्री ठप रही।

दुकानदारों का आरोप है कि सालों से इस समस्या से जूझ रहे हैं। कई बार नगर पालिका में लिखित शिकायत दी। अधिकारी आए, देखकर चले गए, पर समाधान नहीं हुआ। नालियों की सफाई सिर्फ कागजों पर होती है। मानसून से पहले एक बार भी नालियों की सफाई नहीं की गईं।

स्कूली छात्र प्रियांशु ने बताया, “ट्यूशन जाते वक्त इसी कीचड़ से निकलना पड़ता है। जूते-मोजे खराब हो जाते हैं। गिरने का डर अलग रहता है। बुजुर्ग रामदेई ने कहा, गंदे पानी में फिसलकर हड्डी टूट गई तो कौन जिम्मेदार होगा?।

बारिश से पहले ही उझानी के मुख्य बाजार का यह हाल है तो सावन की झमाझम में क्या होगा, यह सोचकर ही व्यापारी सहमे हैं। सवाल यह है कि नगर पालिका की नींद कब टूटेगी?

राजेश वार्ष्णेय एमके।

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