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उझानी बदांयू 17 फरवरी।
बरेली मथुरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांव गंगोरा की सरकारी भूमि पर स्थित सिद्ध बाबा समाधि स्थल को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों संग ही हिंदूवादी संगठनों में गंभीर असंतोष उत्पन्न हो गया है। यह समाधि पहले सड़क की दूसरी ओर स्थित थी, जिसे सड़क चौड़ीकरण के दौरान गांव वालों की आपसी सहमति से हटाकर वर्तमान स्थान पर पुनः स्थापित किया गया।
बताते हैं कि यह नई समाधि मात्र 1–2 दिन पहले ही बनाई गई थी और तब से वहां पूजा-अर्चना की जा रही थी।
इसी दौरान वहां उर्दू में लिखावट, हरे झंडे और हरी चादरें चढ़ा दी गईं, जिससे स्थल की पहचान को लेकर भ्रम और तनाव की स्थिति बन गई।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह स्थल वर्षों से सिद्ध बाबा समाधि स्थल के रूप में आस्था का केंद्र रहा है और इसके स्वरूप से किसी भी तरह का छेड़छाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस विषय को लेकर आज गांव के प्रधान, उझानी के एसएचओ और तहसीलदार के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई गई और लगाए गए झंडों व चादरों को हटाने की मांग की गई।
मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने भी प्रशासन से शिकायत की।
इस दौरान विभाग संगठन मंत्री योगेश पाठक, प्रांत युवा गौरक्षा प्रमुख संजीव कुमार प्रजापति, जिला उपाध्यक्ष अरविंद शर्मा जिला सह संयोजक उत्कर्ष मिश्रा, जिला सह गौरक्षा प्रमुख (बजरंग दल) आशीष उपाध्याय
सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि सरकारी भूमि पर स्थित सिद्ध बाबा समाधि के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखा जाए और किसी भी प्रकार के अवैध चिह्नों को हटाकर स्थिति को पूर्ववत किया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहे।
प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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