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उझानी- बदांयू 13 जनवरी।
उझानी की गांव कुंडा नरसिंह पुर की आग लगने से चर्चित मैंथा फैक्ट्री की आज की घटना से पोल खुलती नजर आ रही है। बैंक अधिकारियों की मिली-भगत से बैंक का कब्जा होने के बाद भी फैक्ट्री चालू नजर आई क्योंकि उसमें सेकंडों ड्रम सिंथेटिक मैंथा से भरे हुए मिले हैं।


ज्ञात रहे 21 मई 2025 की रात मेंथा फैक्ट्री में अचानक आग लगने से फैक्ट्री का सब-कुछ तबाह हो गया। जहां तक कि नगर के निवासियों ने अपने अपने घरों को भी खाली छोड़कर जान बचाने को पलायन कर लिया।
उस वक्त की जानकारी के मुताबिक फैक्ट्री में सब-कुछ जल गया एक व्यक्ति बिचौला निवासी की जिंदा जलकर मौत भी हुई,15 दिन बाद उसका शव मलवे में मिला वह भी परिजनों की सतर्कता से।
उस समय से अब तक कागजों में फैक्ट्री को बैंक आफ बड़ौदा ने करोड़ों के बकाया में अपना कब्जा कर लिया, अखबारों में कई बार नीलामी के गजट भी प्रकाशित हुऐ। जिसके अनुसार फरवरी में फैक्ट्री की नीलामी होनी है। फैक्ट्री बैंक के कब्जे में बंद दर्शाई गई है, लापरवाही में बैंक के उच्चाधिकारियों ने बैंक मैनेजर को भी पिछले दिनों हटा दिया।
आज तीन सुरक्षा गार्डों की मौत के बाद राज खुला कि फैक्ट्री में मैंथा के सैकड़ों ड्रम रखे हैं जिनपर कल की 12 जनवरी की डेट भी पड़ी है चाहे जाने हो या आने हो।
फैक्ट्री के संचालन में बैंक के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। क्योंकि बैंक के दो सुरक्षा गार्ड व दो मालिक के गार्ड हर वक्त तैनात रहते हैं।


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