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उझानी बदांयू 23 नवंबर।
कस्बे की सड़कों पर आड़े तिरछे खड़े ई-रिक्शा ने राहगीरों की चाल बिगाड़ दी है। रविवार को जाम से राहगीर हांफ गए। जाम का असर व्यापार पर पड़ रहा है, क्योंकि दुकानों में जाने से ग्राहक कतरा रहे हैं। कई बार तो निकलने की जल्दी में लोगों के बीच कहासुनी भी हो जाती है।
कस्बे के हलवाई चौक,कछला रोड, घंटाघर चौराहे पर दिन भर छोटे-बड़े हजारों वाहन गुजरते रहते है। घंटाघर चोराहे से मात्र 500 मीटर दूरी पर सरकारी अस्पताल है आऐ दिन एंबुलेंस भी जाम का शिकार हो जाती है, घंटाघर के मुख्य चौराहा के किनारे एक पुलिस का बूथ बना हुआ है। दिनभर इस बूथ पर किसी न किसी पुलिस कर्मी की ड्यूटी लगाई जाती है।
इसके अलावा यातायात विभाग के सिपाहियों की ड्यूटी भी लगाई जाती है पुलिसकर्मी दिनभर बूथ पर बैठे रहते हैं। चौराहे के चारों ओर चालक सवारी भरने के लिए आड़ा-तिरछा ई-रिक्शा खड़ा कर देते हैं। इस कारण हमेशा जाम लग जाता है। इसके अलावा चौराहे के दुकानदारों को भी काफी समस्या होती है।
व्यापारियों का कहना है कि सड़कों पर बेतहाशा बढ़ चुके ई-रिक्शा और मनमाने ढंग से हो रहे अतिक्रमण के कारण लोगों को दुकान तक पहुंचना दूभर रहता है। इसका सीधा असर उनके व्यापार पर पड़ रहा है। व्यापारियों के मुताबिक ई-रिक्शा चालकों की ओर से सड़कों पर अव्यवस्थित ढंग से वाहन खड़े करने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई।
व्यापारियों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का तत्काल और स्थायी समाधान करने की मांग की है।
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हमारी दुकान के ठीक सामने चालक सवारी भरने के लिए वाहन खड़ा कर देते हैं। ऐसे में ग्राहक दुकान के पास आ ही नहीं पाते। जब ग्राहक नहीं आएंगे तो व्यापार कैसे चलेगा। चालकों को जब दुकान के सामने से ई-रिक्शा को हटाने को कहा जाता है तो वह झगड़ा करने लगते हैं। धर्मेन्द्र कुमार,कछला रोड ।
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ई-रिक्शा वाले मनमाने ढंग से कहीं भी रिक्शा खड़ा कर देते हैं, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है। चौराहे पर अक्सर जाम लग जाता है। प्रशासन को ई-रिक्शा के लिए रूट व पार्किंग स्थल तय करने चाहिए।-राजेन्द्र कुमार वार्ष्णेय ,कछला रोड।——–
राजेश वार्ष्णेय एमके
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