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बदांयू 29 अक्टूबर।
बेमौसम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। सोमवार की शाम से लगातार 24 घंटे हुई हल्की बारिश सरसों की फसल के लिए मुफीद मानी जा रही है। हालांकि बारिश न थमने से आलू की अगेती फसल पर पानी फिरने से किसान परेशान हैं। वहींं बारिश से गांव की गली और रास्तों पर फिसलन के हालात पैदा हो गए हैं।
जिले के किसान छोटेलाल, सोबरन सिंह, सिलहरी के जोधाराम, महेश चंद्र, दातागंज के केदार पाराशर, देवेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश की वजह से किसानों को सरसों की फसल की सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। बाजरे के खाली हुए खेतों में गेहूं की बुआई के लिए जुताई करना आसान हो जाएगा। दिनभर हुई बूंदाबांदी के बाद खेतों में नमी ज्यादा हो गई है। इससे आलू, गेहूं आदि की बुआई में रुकावट आने से किसान परेशान हो उठे हैं। किसानों ने बताया कि आलू, गेहूं व सरसों की बुआई का समय चल रहा है। कई किसान बुआई के लिए खेत तैयार कर लिए थे। पर, दो दिनों से हो रही बूंदाबांदी ने उनकी तैयारियों पर पानी फेर दिया।
बदायू के किसान किताब सिंह ने बताया कि बारिश का पानी खेतों में भरने से किसानों की आलू की अगेती फसल की उम्मीद पर पानी फिर गया है। उन्होंने बताया कि अगेती फसल की खुदाई के बाद किसान तरबूज, खरबूज और सब्जी की फसल पैदा कर लेते थे। बारिश की वजह से अब आलू की पछेती फसल की बुआई ही कर सकेंगे।
जिन किसानों ने पहले ही बीज बो दिए हैं, पानी भरने से खेतों में बीज सड़ने का खतरा है। इसके अलावा खेतों में पकी धान की फसल पर भी बारिश का असर होगा, यदि बारिश तेज हुई तो धान की पकी बालियां सड़ सकती हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।
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