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बदांयू -गंगा का जलस्तर घटा, पर बाढ़ पीड़ितों को नहीं मिली राहत; कटान का बढ़ा खतरा

बदांयू -गंगा का जलस्तर घटा, पर बाढ़ पीड़ितों को नहीं मिली राहत; कटान का बढ़ा खतरा।

24 घंटे में नरौरा बैराज से 5 हजार क्यूसेक कम हुआ डिस्चार्ज, प्रशासन अलर्ट पर।


बदांयू 10 अगस्त।

पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश थमने के बाद गंगा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर शुरू हो गया है। इससे जहां जिले में जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, वहीं बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों की समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं।

सिंचाई विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में नरौरा बैराज से गंगा के प्रवाह में करीब 5 हजार क्यूसेक पानी की कमी दर्ज की गई है। इसी के चलते बदांयू जिले में गंगा का जलस्तर थोड़ा नीचे आया है।

अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ों पर लगातार बारिश और पशुलोक बैराज की सफाई के लिए पानी छोड़े जाने के कारण कुछ दिन पहले गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न बैराजों के गेट खोलने पड़े थे।

लेकिन अब स्थिति में सुधार है। वर्तमान में हरिद्वार बैराज से 48 हजार क्यूसेक, बिजनौर बैराज से लगभग 62 हजार क्यूसेक और नरौरा बैराज से 5 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह कम किया गया है। बैराजों पर दबाव घटने से पानी का डिस्चार्ज भी कम हुआ है।

जलस्तर में इस उतार-चढ़ाव ने प्रशासन और सिंचाई विभाग के लिए नई चिंता खड़ी कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि उतरती हुई गंगा का तेज बहाव किनारों पर कटान का खतरा बढ़ा देता है।

फिलहाल जिले में सभी कटानरोधी कार्य सुरक्षित बताए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं और नदी के किनारे लगातार निगरानी की जा रही है।

आज हरिद्वार बैराज से 87,481 क्यूसेक।
बिजनौर बैराज से 1,17,686 क्यूसेक पानी।
नरौरा बैराज से 1,67,688 क्यूसेक।
वही कछला ब्रिज पर जलस्तर 162.31 मीटर के निशान पर है।

हालांकि जलस्तर घटने से कुछ राहत मिली है, लेकिन बाढ़ से प्रभावित गांवों में अभी भी जलभराव और आवागमन की समस्या बनी हुई है। राहत कार्यों को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।

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