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उझानी में गूंजा ‘बम-बम भोले’, केसरिया रंग में रंगा पूरा हाइवे

उझानी में गूंजा ‘बम-बम भोले’, केसरिया रंग में रंगा पूरा हाइवे।

सावन में कलश कांवड़ का क्रेज, परिवार संग बाइक से निकल रहे शिवभक्त।

उझानी-बदांयू 7 अगस्त।

सावन का पावन महीना आते ही उझानी और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह शिवमय हो गया है। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गलियां गूंज रही हैं। इस बार दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर बदायूं जिले के शिवभक्तों में भी 20 से 100 लीटर तक जल वाली कलश कांवड़ का खासा क्रेज देखने को मिल रहा है।

परिवार संग निकली आस्था की टोली
इस बार की कांवड़ यात्रा की सबसे बड़ी खासियत है कि घर के सभी सदस्य एक साथ जल लेकर निकल रहे हैं। कहीं जीजा-साला की जोड़ी है तो कहीं 5-5 परिवार बाइक पर सवार होकर कछला से गंगाजल लेकर लौट रहे हैं। बरेली मथुरा हाईवे पर उझानी-बदायूं रोड पर केसरिया वस्त्रों में सजे श्रद्धालुओं की टोलियां दिन-रात दिखाई दे रही हैं। रंग-बिरंगी और आकर्षक कांवड़ों के साथ युवा, बुजुर्ग और महिलाएं भी बराबर उत्साह से शामिल हैं।

उझानी बाईपास और प्रमुख मार्गों पर सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संगठनों द्वारा सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, शीतल पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा, विश्राम और जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था की गई है। स्वयंसेवक पूरी श्रद्धा के साथ सेवा ही पूजा के भाव से जुटे हैं।

कांवड़ यात्रा को देखते हुए उझानी कोतवाली पुलिस और प्रशासन ने कछला से पूरे हाइवे सहित प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि यातायात सुचारू रहे और श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो। मंदिरों, शिविरों और मार्गों पर भीड़ बढ़ने के साथ ही जगह-जगह स्वागत द्वार और पुष्प वर्षा की तैयारियां जोरों पर हैं।

कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था से जुड़ी एक भावुक कहानी भी सामने आई। पीलीभीत के निवासी सतीश गुप्ता अपने भाई यतीश के साथ कछला से कांवड़ लेकर आ रहे थे। सतीश ने बताया कि उनके घर 4 बेटियां हैं और पूरे परिवार की मन्नत थी कि एक बेटा भी हो। इसी मन्नत के साथ वे कांवड़ लेने निकले थे। गंगा के लिए जाते समय ही घर से फोन आया कि भोलेनाथ ने मन्नत पूरी कर दी और घर में बेटे का जन्म हुआ है। छाती पर गंगाजल बांधकर बम-बम भोले का जयघोष करते हुए सतीश ने कहा – भोले के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता।

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