9:14 pm Friday , 24 July 2026
BREAKING NEWS

उझानी छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहे दरोगा साहब”-3 साल बाद तबादला, 1 महीना बीता पर ज्वाइनिंग अब तक नहीं

“उझानी छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहे दरोगा साहब”-3 साल बाद तबादला, 1 महीना बीता पर ज्वाइनिंग अब तक नहीं।

बदांयू 24 जुलाई।

कहते हैं “उझानी कोतवाली का मोह” सबसे खतरनाक होता है। इसका जीता-जागता उदाहरण इन दिनों देखने को मिल रहा है।

उझानी कोतवाली में करीब 3 साल 2 महीने से तैनात रहे एक एसआई का तबादला करीब 1 महीने पहले कादरचौक थाने के लिए कर दिया गया। लेकिन हैरानी की बात ये है कि आदेश के बावजूद दरोगा साहब ने आज तक उझानी कोतवाली की कुर्सी नहीं छोड़ी और न ही नई तैनाती पर ज्वाइन किया।

“जन्नत है यहां” वाली बात!

चर्चा कोतवाली से लेकर चौराहे तक है। लोग कह रहे हैं कि उझानी कोतवाली में तैनात होने वाले सिपाही से लेकर दरोगा और अधिकारी तक इसे छोड़ना ही नहीं चाहते। वजह सब जानते हैं – VIP मूवमेंट, बाजार, कस्बा और “सुविधाएं”।

सूत्रों के मुताबिक समय पूरा होने के बाद इस एसआई का नाम कादरचौक थाने के लिए जारी हुआ था। एक महीना बीत गया, लेकिन फाइल वहीं की वहीं अटकी है।

आखिर अटका कहां है पेंच?

क्या आला अधिकारियों की “सहमति” से एक्सटेंशन चल रहा है?
या किसी “खद्दरधारी” की सिफारिश इतनी भारी है कि तबादला आदेश भी बेअसर हो गया? या फिर “सेटिंग” का गणित इतना पक्का है कि नई जगह जाना ही नहीं है?

फिलहाल विभागीय स्तर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन पुलिस महकमे में ये मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

तबादला हो गया, कागज पर कादरचौक , लेकिन ड्यूटी अभी भी उझानी की। अब देखना ये है कि “मोह” कब टूटता है और दरोगा साहब कब नई जगह का रास्ता नापते हैं।

विज्ञापन एक्सप्रेस