नजरबंदी के बाद भाकियू अराजनैतिक का प्रशासन पर हमला, बोले— किसानों और छात्रों की आवाज नहीं दबेगी
बदायूं। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के युवा जिलाध्यक्ष रामलखन यादव एडवोकेट ने आरोप लगाया कि उन्हें और संगठन के पदाधिकारियों को प्रशासन द्वारा नजरबंद किया गया, ताकि वे किसानों और छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से न उठा सकें।
उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी का प्रयोग कर किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन संगठन इससे पीछे हटने वाला नहीं है। उनका कहना है कि “किसानों और छात्रों के हितों की लड़ाई लगातार जारी रहेगी। सरकारी दबाव से आंदोलन कमजोर नहीं होगा।”
रामलखन यादव ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) किसानों के अधिकारों और जनहित के मुद्दों पर निरंतर संघर्ष करती रहेगी तथा किसी भी प्रकार के प्रशासनिक दबाव से विचलित नहीं होगी।
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