शिव देवी सरस्वती शिशु मंदिर में श्रद्धापूर्वक मनाई गई लोकमान्य तिलक एवं चंद्रशेखर आजाद की जयंती
बदायूं। शिव देवी सरस्वती शिशु मंदिर, सिविल लाइंस, बदायूं में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक एवं अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती श्रद्धा, उत्साह और देशभक्ति के वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष वंदना एवं दोनों महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुशील कुमार, कार्यक्रम अध्यक्ष अनुराग बाबू मिश्रा एवं मुख्य वक्ता सुबोध कुमार मिश्रा ने दोनों महान विभूतियों के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को उनके आदर्शों पर चलने का संदेश दिया।
इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने लोकमान्य तिलक एवं शहीद चंद्रशेखर आजाद के जीवन पर प्रेरणादायी विचार प्रस्तुत किए। मुख्य वक्ता सुबोध कुमार मिश्रा ने कहा कि लोकमान्य तिलक ने “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” का उद्घोष कर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी, जबकि चंद्रशेखर आजाद ने अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अंतिम सांस तक मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
प्रधानाचार्य सुशील कुमार ने विद्यार्थियों से दोनों महापुरुषों के त्याग, साहस, राष्ट्रभक्ति एवं कर्तव्यनिष्ठा को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम अध्यक्ष अनुराग बाबू मिश्रा ने कहा कि देश की आजादी असंख्य क्रांतिकारियों और शहीदों के सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है, जिसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।


कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ आचार्य राकेश कुमार मिश्रा ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के मीडिया प्रभारी लालाराम वर्मा सहित विद्यालय परिवार के समस्त आचार्य एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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