जाम का कॉरिडोर बना अढौली फाटक: ओवरलोड मक्का वाहनों से दिन में 4 बार थमती है जिंदगी”।
उझानी-बदांयू 18 जून।
अढौली रेलवे फाटक से उझानी-कादरचौक मार्ग अब ‘जाम का कॉरिडोर’ बन चुका है। वजह है रेलवे की मक्का रेक की लोडिंग। जैसे ही लोडिंग शुरू होती है, ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली, डीसीएम और पिकअप की लंबी कतार सड़क को बंधक बना लेती है।
पंखा रोड और कादरचौक रोड के दुकानदारों का हाल बेहाल है। दिन में चार-चार बार घंटों लंबा जाम लगता है। स्कूल जाते बच्चे, मरीज ले जाती एंबुलेंस, सब इस ‘जाम के कॉरिडोर’ में फंसे रह जाते हैं। ओवरलोड वाहनों से उड़ती धूल ने दुकानदारों की सांसें तंग कर दी हैं।




असल वजह रेलवे फाटक के ठीक बगल में लगा धर्मकांटा है। रेलवे रेक में लदने वाली मक्का का वजन यहीं होता है। इसलिए सुबह से देर रात तक सड़क ओवरलोड वाहनों से खचाखच रहती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक-एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में 200 कुंतल तक मक्का लाद दिया जाता है। ओवरलोड के कारण सड़कें समय से पहले टूट गई हैं। गड्ढों में फंसकर कई बार ट्रक-ट्रॉली पलट चुके हैं। हैरानी है कि परिवहन विभाग के सामने यह खेल चल रहा है, लेकिन न पुलिस को दिखता है, न परिवहन विभाग को।
उझानी के दुकानदार राजीव गुप्ता कहते हैं, “ग्राहक दुकान तक नहीं पहुंच पाता। धूल से सारा सामान खराब हो जाता है। जाम में फंसकर रोज नुकसान झेल रहे हैं।”
लोगों की मांग है कि इस ‘जाम के कॉरिडोर’ से निजात दिलाई जाए। ओवरलोड वाहनों पर सख्ती हो। वरना किसी दिन जाम में फंसी एंबुलेंस या पलटते वाहन से बड़ा हादसा होगा।
राजेश वार्ष्णेय एमके।
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