कर्मयोगी की नवमी पुण्यतिथि: जिनके संस्कारों से रोशन है हजारों बच्चों का भविष्य”।
APS इंटरनेशनल स्कूल के संस्थापक स्व. श्रवण कुमार अग्रवाल को स्कूल परिवार का शत-शत नमन।
बदांयू 17 जून 2026।
“मा फलेषु कदाचन” के मंत्र पर जिया जीवन, समाज को दिए संस्कार और शिक्षा
आज का दिन उझानी के लिए बेहद भावुक है। शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाने वाले, APS इंटरनेशनल स्कूल के प्रेरणास्रोत स्व. श्रवण कुमार अग्रवाल जी की आज नवमी पुण्यतिथि है।
17 जुलाई 1930 को जन्मे और 17 जून 2017 को पंचतत्व में विलीन हुए अग्रवाल जी का पूरा जीवन गीता के श्लोक “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” का जीवंत उदाहरण था। उन्होंने फल की चिंता किए बिना कर्म को ही पूजा माना।
सादगी में बसा था व्यक्तित्व, सेवा में बीता जीवन
APS इंटरनेशनल स्कूल परिवार ने श्रद्धांजलि संदेश में कहा कि उनका जीवन सादगी, सेवा और संस्कारों की सुंदर मिसाल था। उनके दिए विचार और आदर्श आज भी हजारों छात्र-छात्राओं के जीवन को दिशा दे रहे हैं। उनकी मेहनत, विनम्रता और समाज के प्रति समर्पण हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।
परिवार और संस्था ने किया नमन
इस पावन अवसर पर गोपाल-पूनम अग्रवाल, पूर्व राज्यमंत्री विमल कृष्ण अग्रवाल, पालिकाध्यक्षा पूनम अग्रवाल, अनिल-अमिता अग्रवाल सहित पुत्र-पुत्रवधू, पौत्र-पौत्रवधू उदित-रितु, नीलांशु-नन्दिता, ध्रुव-महक, प्रपौत्र रेयान, युगांश, निताक्ष और प्रपौत्री वेदेही ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
APS इंटरनेशनल स्कूल परिवार का कहना है कि उनकी यादें और आशीर्वाद हर पल हमारे हृदय में जीवित हैं। आज उनकी नवम पुण्यतिथि पर स्कूल सहित पूरा नगर उन्हें नमन कर रहा है।
एक युग का अंत नहीं, विचारों का अमरत्व
स्व. श्रवण कुमार अग्रवाल भौतिक रूप से भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके संस्कार और शिक्षा की ज्योति से APS का हर बच्चा रोशन हो रहा है। उनकी पुण्यतिथि सिर्फ श्रद्धांजलि का दिन नहीं, उनके आदर्शों को फिर से जीने का संकल्प दिवस है।
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