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उझानी पोस्ट ऑफिस का अजीब ‘फंडा’: पार्सल-रजिस्ट्री घर नहीं, फोन कर बुलावा

उझानी पोस्ट ऑफिस का अजीब ‘फंडा’: पार्सल-रजिस्ट्री घर नहीं, फोन कर बुलावा।

नियम ताक पर, पोस्टमैन बोले—’खुद आकर ले जाओ’, पोस्टमास्टर ने दी जांच की चेतावनी।

उझानी, बदायूं 1 जून ।

डाक विभाग का स्लोगन है ‘डाकिया डाक लाया’, मगर उझानी में यह उल्टा पड़ रहा है। यहां डाकिया डाक लाने की बजाय फोन कर रहा है—’पोस्ट ऑफिस आकर अपना पार्सल ले जाओ।’ रजिस्ट्री हो या पार्सल, घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी से पोस्टमैन पल्ला झाड़ रहे हैं।

नियम साफ कहते हैं कि चेक बुक, एटीएम,रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट और पार्सल की डिलीवरी पते पर देनी अनिवार्य है। लेकिन उझानी पोस्ट ऑफिस में नियमों को ताक पर रख दिया गया है। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि पोस्टमैन सामान लेकर गंतव्य तक जाते ही नहीं। उल्टे मोबाइल पर कॉल कर देते हैं कि आपका सामान आ गया है, ऑफिस से ले जाएं।

उपभोक्ताओं का दर्द: बुजुर्ग-महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान

स्थानीय निवासी रमेश चंद्र बताते हैं, “पिछले हफ्ते बेटे का जरूरी दस्तावेज रजिस्ट्री से आया। पोस्टमैन ने घर आने की बजाय फोन कर दिया। 70 साल की उम्र में एक किलोमीटर पैदल पोस्ट ऑफिस जाना पड़ा।”

गृहिणी सुनीता देवी का कहना है, “ऑनलाइन मंगाया पार्सल था। डिलीवरी बॉय घर तक छोड़ते हैं, पर पोस्टमैन ने साफ मना कर दिया। बोले- स्टाफ कम है, खुद ले जाओ। यह कौन सा नियम है?”

इस बाबत जब पोस्टमास्टर अश्विनी माहेश्वरी से बात की गई तो उन्होंने हैरानी जताई। “ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। रजिस्ट्री-पार्सल की डोर-स्टेप डिलीवरी विभागीय नियम है। पोस्टमैन से जानकारी लेकर सभी काम नियमानुसार कराए जाएंगे। लापरवाही मिली तो कार्रवाई तय है।”

डाक विभाग के नियमानुसार रजिस्टर्ड पत्र, स्पीड पोस्ट, पार्सल और मनीऑर्डर की डिलीवरी प्राप्तकर्ता के पते पर करना अनिवार्य है। सिर्फ ‘पता नहीं मिला’ या ‘प्राप्तकर्ता उपलब्ध नहीं’ की स्थिति में ही नोटिस चस्पा कर सामान पोस्ट ऑफिस में रोका जा सकता है। फोन कर बुलाना सरासर नियम विरुद्ध है।

उझानी में पोस्टमैन की इस ‘सुविधा” कार्यशैली से लोग खासे नाराज हैं। अब देखना है कि पोस्टमास्टर के आश्वासन के बाद डाकिया सुधरता है या डाक विभाग का ‘भरोसे का नेटवर्क’ यूं ही बदनाम होता रहेगा।

— राजेश वार्ष्णेय एमके।

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