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अलापुर- सड़क पर बिछी मौत: कंटीले तार ने छीन ली 28 साल के कालीचरण की जिंदगी

सड़क पर बिछी मौत: कंटीले तार ने छीन ली 28 साल के कालीचरण की जिंदगी।

बदायूं 29 मई ।

रात के अंधेरे में सड़क किनारे बिछा एक कंटीला तार पूरे परिवार के लिए काल बन गया। बृहस्पतिवार की रात घर से निकले कालीचरण की बाइक जैसे ही खेत के पास पहुंची, लोहे का नुकीला तार गले में फंस गया। पलभर में खुशियों से भरा घर मातम में बदल गया।

ग्राम चितौरा निवासी 28 वर्षीय कालीचरण अपने साथी के साथ बाइक से कहीं जा रहा था। रात करीब 9 बजे गांव के बाहर मक्के के खेत के पास अचानक बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे कंटीले तार में जा उलझी। तार इतनी तेजी से गले में फंसा कि कालीचरण की गर्दन बुरी तरह कट गई। खून से लथपथ कालीचरण सड़क पर तड़पता रहा, पीछे बैठा साथी भी गंभीर रूप से घायल हो गया।

चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों के हाथ-पांव फूल गए। किसी तरह दोनों को अस्पताल ले जाया गया, पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने कालीचरण को देखते ही मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही मां-बाप बेसुध हो गए, पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में कोहराम मचा है।

बिलखते परिजनों का आरोप है कि मक्के के खेत को आवारा पशुओं से बचाने के लिए सड़क से सटाकर खतरनाक कंटीला तार लगा दिया था। रात में तार दिखता नहीं है। “फसल बचाने के चक्कर में मेरे बेटे की जान ले ली। ये लापरवाही नहीं, हत्या है”, पिता का रो-रोकर यही कहना था।

सूचना पर पहुंची अलापुर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायल साथी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। सीओ दातागंज राहुल पाण्डेय ने बताया कि परिजनों की तहरीर मिल गई है। जांच के बाद जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या सड़क किनारे इस तरह खतरनाक तार लगाना कानूनी है?
अगर रात में तार न दिखे तो जिम्मेदार कौन?
एक मेहनतकश बेटे की मौत का हिसाब कौन देगा?

कालीचरण की मौत पूरे इलाके को झकझोर गई है। घर का चिराग बुझ गया, पर सवाल अब भी जिंदा हैं।

सड़क किनारे खेत की घेराबंदी करते समय रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड लगाना जरूरी है। रात में न दिखने वाले कंटीले तार कई घरों के चिराग बुझा चुके हैं। प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे।

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