12:09 am Saturday , 18 July 2026
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एक दर्जन अवैध पैथोलॉजी लैब संचालकों को नोटिस, सीएमओ ने साधी चुप्पी

कुंवर गांव से विशेष रिपोर्ट

कुंवर गांव (बदायूं)। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते कुंवर गांव क्षेत्र में अवैध और मानकविहीन पैथोलॉजी लैब का संचालन धड़ल्ले से जारी है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में संचालित एक दर्जन से अधिक पैथोलॉजी लैब संचालकों को नोटिस जारी किए, लेकिन कार्रवाई को लेकर विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में है।

बिना पंजीकरण संचालित हो रहीं लैब

स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि 12 से अधिक पैथोलॉजी लैब बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रही हैं। कई केंद्रों पर न तो योग्य पैथोलॉजिस्ट मौजूद मिले और न ही प्रशिक्षित लैब तकनीशियन। आरोप है कि अप्रशिक्षित युवक मरीजों के खून सहित अन्य जांचें कर रहे हैं, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बना हुआ है।

गलत रिपोर्ट से मरीजों की जान जोखिम में

ग्रामीणों का आरोप है कि इन अवैध लैबों से जारी होने वाली गलत जांच रिपोर्ट के आधार पर झोलाछाप और कुछ चिकित्सक मरीजों का उपचार शुरू कर देते हैं। इससे कई बार मरीजों की हालत बिगड़ने की घटनाएं भी सामने आई हैं, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

सिर्फ नोटिस देकर निभाई जा रही औपचारिकता?

क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग वर्षों से चल रहे इस अवैध कारोबार पर केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता पूरी करता है। उनका कहना है कि बाद में लैब संचालकों को कार्यालय बुलाकर मामला निपटा दिया जाता है और किसी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।

सीएमओ का जवाब भी सवालों के घेरे में

इस संबंध में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास शर्मा से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है कि टीम कहां गई थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि फोन पर यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा सकती कि नोटिस किन-किन लोगों को जारी किए गए हैं।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और सीएमओ के बयान ने पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रीय लोग अवैध पैथोलॉजी लैबों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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