उझानी में कूड़ा संकट गहराया: जनता के विरोध से बेबस पालिका, चालकों ने परिसर में पटके कचरा लदे वाहन।
उझानी बदायूं 24 मई ।
उझानी नगर पालिका की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कूड़ा निस्तारण को लेकर हर 15 दिन में बवाल खड़ा हो जाना अब यहां की नियति बन चुका है। रविवार को जनता के उग्र विरोध के बाद हताश वाहन चालकों ने कूड़े से लदे ट्रक सीधे पालिका कार्यालय के प्रांगण में लाकर पटक दिए, जिससे पालिका प्रशासन के दावों की पोल खुल गई।
जनता का फूटा गुस्सा, चालकों को खदेड़ा

रविवार पूर्वाह्न जब पालिका के लोडर हाइवे किनारे गड्ढों में कूड़ा उड़ेलने पहुंचे, तो स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने हंगामा कर चालकों को मौके से खदेड़ दिया। लाचार चालक कूड़ा लदे वाहन लेकर वापस लौटे और विरोधस्वरूप पालिका परिसर में ही खड़े कर दिए।
एक चालक ने नाम न छापने की शर्त पर सिस्टम की लाचारी बयां की, “हमें पता है कि सड़क किनारे कूड़ा डालना गलत है, पर करें तो क्या करें? डम्पिंग ग्राउंड बंद है। अफसरों को सब पता है, मगर सालों से कोई स्थायी समाधान नहीं। आज जनता ने घेर लिया तो जान बचाकर भागे। अब वाहन यहीं खड़े रहेंगे।”
नाकामी की लंबी फेहरिस्त
यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले वितरोई, छतुइया और पटपरागंज में भी ग्रामीणों ने कूड़ा डालने पर जबरदस्त विरोध किया था। हर बार विवाद होता है, वाहन पालिका के सामने खड़े होते हैं, आश्वासन मिलता है और फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।
ईओ का फिर वही रटा-रटाया जवाब
इस गम्भीर अव्यवस्था पर अधिशासी अधिकारी विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने फोन पर वही पुराना राग अलापा। उन्होंने कहा, “मामला संज्ञान में है। पटपरागंज स्थित डम्पिंग ग्राउण्ड ग्रामीणों के विरोध से बंद है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर जल्द ही ग्रामीणों से वार्ता कर ग्राउंड चालू कराएंगे। इस समस्या का सम्पूर्ण समाधान कराएंगे।”
सवाल यह है कि ‘जल्द ही’ कब आएगा? जब तक डम्पिंग ग्राउण्ड शुरू नहीं होता, उझानी की सड़कें और अब पालिका परिसर कूड़ाघर बना रहेगा। अफसरों की बेरुखी और स्थायी समाधान न खोजने की नीति से शहर की जनता और पालिका कर्मी दोनों परेशान हैं।
—राजेश वार्ष्णेय एमके।


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