उझानी फिर अंधेरे में: 26 दिन में दूसरा 5MVA ट्रांसफार्मर फुंका, चार दिन का ‘पावर वनवास’ शुरू।
उझानी बदांयू 20 मई।
उझानी वालों की किस्मत में बिजली विभाग ने शायद ‘लोडशेडिंग’ ही लिख दी है। 24 अप्रैल को फुंके 5MVA ट्रांसफार्मर का जख्म अभी भरा भी नहीं था कि बुधवार दोपहर में दूसरा 5MVA ट्रांसफार्मर भी धूं-धूं कर जल गया। नतीजा: पूरा शहर फिर अंधेरे की चपेट में और विभाग का वही पुराना राग, “3 दिन लगेंगे, संयम रखें”।
याद दिला दें, 24 अप्रैल को भी शहर का 5MVA ट्रांसफार्मर फुंका था। तब हालात इतने बिगड़े कि शहर के पांचों फीडरों को बारी-बारी से सिर्फ दो-दो घंटे बिजली नसीब हुई थी। हफ्तेभर तक लोग पानी-बिजली को तरसते रहे। तब केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा के दखल के बाद प्रतापगढ़ से आनन-फानन में ट्रांसफार्मर मंगवाया गया था। पूरे एक सप्ताह बाद जाकर सप्लाई सामान्य हुई थी।
26 दिन बाद कहानी फिर दोहराई गई। बुधवार को तेज धमाके के साथ उपकेंद्र का ट्रांसफार्मर जल गया। लोगों के इन्वर्टर ने भी जवाब दे दिया। गर्मी में कूलर-पंखे बंद, पानी की मोटर ठप।
स्थानीय व्यापारी मुकेश गुप्ता बोले, “24 अप्रैल को हफ्ते भर नरक भोगा। मंत्री जी की मेहरबानी से प्रतापगढ़ से ट्रांसफार्मर आया। अब फिर वही हाल। बिल तो पूरा चाहिए, बिजली दो घंटे भी नहीं?”
विद्युत उपकेंद्र उझानी शहर ने सूचना जारी की है: “तकनीकी खराबी के कारण 5MVA विद्युत ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गया है। नया ट्रांसफार्मर मंगाने और स्थापित करने में कम से कम 3 दिन लगेंगे। वैकल्पिक व्यवस्था न होने तक आपूर्ति बाधित रहेगी। सहयोग और संयम बनाए रखें।”
26 दिन में दो ट्रांसफार्मर फुंकना विभाग की लापरवाही की पोल खोल रहा है। 24 अप्रैल वाली घटना के बाद भी सबक नहीं लिया गया। ओवरलोडिंग और जर्जर सिस्टम से आंख मूंदे बैठे अधिकारी सिर्फ नोटिस चिपकाकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
फिलहाल विभाग का दावा है कि अस्पताल और जल आपूर्ति केंद्रों को सप्लाई दी जाएगी। लेकिन 80 हजार की आबादी क्या करे? पिछली बार की तरह इस बार भी ‘VVIP प्रयास’ का इंतजार करना पड़ेगा या विभाग खुद चेतेगा?
उझानी वाले तैयार रहें: अगले 4 से पांच दिन मोमबत्ती, हाथ वाले पंखे और बाल्टी-लोटे के भरोसे कटने वाले हैं।
राजेश वार्ष्णेय एमके

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