उझानी में बिजली संकट गहराया, 22 घंटे के दावे हवा हवाई 16-17 घंटे सप्लाई में भी कटौती।
उझानी-बदांयू 20 अप्रैल।
उझानी शहरी क्षेत्र सहित देहात क्षेत्रों में 22 घंटे बिजली आपूर्ति के दावे के बावजूद लोगों को केवल 16–17 घंटे ही बिजली मिल रही है, जिससे गर्मी में जीवन मुश्किल हो गया है। लगातार कटौती के कारण पेयजल संकट भी बढ़ गया है और ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
शहरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का रोस्टर में एक घंटे सुबह एक घंटे दोपहर में कटौती करने का फरमान जारी हुआ था, लेकिन सरकार के 22 घंटे बिजली देने के दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आ रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच क्षेत्रवासियों को महज 15 से 16 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, उसमें भी कटौती की जा रही है।
जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। नरऊ, मिहीलाल नगला, बरामालदेव, अब्दुल्ला गंज,गंगोरा,छतुईया,बुटला आदि गांवों में लगातार हो रही कटौती के चलते लोगों को मक्का की भराई व पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ रहा है। बिजली न होने से मोटर नहीं चल पा रही हैं, जिससे पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है। गर्मी के कारण हालात और भी गंभीर हो गए हैं।



नरऊ निवासी किसान शिवसिंह का कहना है कि सरकार भले ही 22 घंटे बिजली देने का दावा कर रही हो, लेकिन हकीकत में लंबे-लंबे कट लग रहे हैं। इससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।


वहीं, स्मार्ट मीटर भी लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले की तुलना में बिजली बिल अधिक आ रहे हैं, जिससे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त मार पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने बिजली व्यवस्था में सुधार और कटौती पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि भीषण गर्मी में राहत मिल सके
राजेश वार्ष्णेय एमके।
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