सीएचसी उझानी- विशेषज्ञ न होने से बच्चों का नहीं हो पा रहा इलाज।
रोजाना होते हैं प्रसव, फिर भी बालरोग विशेषज्ञ नहीं।
उझानी-बदांयू 2 अप्रैल।
मौसम में बदलाव के कारण बच्चे सर्दी, खांसी और बुखार जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीमार बच्चों के इलाज के लिए परिजनों को 15 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। कुछ लोग निजी अस्पतालों की शरण लेने को मजबूर हैं।

सीएचसी में प्रतिदिन 500 से 700 मरीजों की ओपीडी होती है। इनमें बड़ी संख्या में नवजात और बच्चे शामिल रहते हैं। नगर की करीब एक लाख आबादी होने के बावजूद यहां दर्जनों देहात क्षेत्र के लोग भी आते हैं,यहां वर्षो से बाल रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं हैं।
उझानी निवासी चंद्रशेखर,नरऊ निवासी दीपू सोलंकी, छतुइया की सीमा और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि डॉक्टर न होने से अभिभावकों को बच्चों के इलाज में दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीणों ने सीएमओ से मांग की है कि सीएचसी पर बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जाऐ जबकि यहां रोजाना डिलीवरी भी होती है।
करीब पांच साल पहले बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती हुई थी। बाद में उन्हें जिला अस्पताल से अटैच कर दिया गया। कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती की मांग की जा चुकी है। -डॉ. सर्वेश कुमार सीएचसी अधीक्षक उझानी।
राजेश वार्ष्णेय एमके।
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com

