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पूरी रात ट्रेक्टर ट्रॉली से रेता डाल तालाब को पाटकर बेचने का लगाया भाकियू ने आरोप।
भाकियू का आरोप तहसील दिवस में समाधान के आश्वासन के बाद भी झांककर नहीं देखा।


प्रसाशन की उदासीनता के चलते भू-माफियाओं की चांदी।
उझानी बदांयू 7 मार्च।
वाह रे जिला प्रशासन उझानी में गुठाइन के नाम से मशहूर (मोती झील) का अस्तित्व ही खतरे में है। तहसील प्रशासन की सुस्ती के चलते जब से भू-माफियाओं की नजर पड़ी है तभी से तालाब को पाटकर बेचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। अब बचे-खुचे तालाब को भी पूरी पूरी रात ट्रेक्टर ट्राली से रेता, मिट्टी डाल उसे बेचने का प्रयास जारी हैं।
भारतीय किसान यूनियन भानु के पदाधिकारीयों द्वारा पिछले दिनों तहसील समाधान दिवस पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध मिट्टी डलवाकर लगातार तालाब को पाटा जा रहा है, प्लाट बनाकर जमीन को भी बेचा जा रहा है,इसकी लिखित शिकायती की।
भाकियू कार्यकर्ताओं का कहना है मोती झील पाटने की लिखित शिकायतीपत्र पर उप जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया ऐसा नहीं होने दिया जाएगा जांच कर कार्यवाही की जाएगी।
पिछले 5 साल में और भी कई सामाजिक , राजनैतिक संगठनों ने मोती झील को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने की शिकायत की , मगर तहसील प्रसाशन की सुस्ती से ऐसा ना हो सका।
कुछ दिनों की शांति के बाद लगभग 10 बीघा जमीन पर भूमाफियाओं ने अवैध मिट्टी डलवाकर कब्जा कर प्लॉट बनवा कर बिक्री कर दिए, मकान भी बनने शुरू हो चुके हैं। ———
बताते हैं कभी गुठाइन के नाम से मशहूर सेकंडों बीघा में फैले तालाब में शहर का गंदा पानी इकट्ठा होता था। दस साल पहले भू-माफियाओं की नजर पड़ी तो उसे सांठगांठ कर पाटना शुरू हो गया , काफी हिस्से को भूमाफिया बेचकर खा गये। बचे-खुचे हिस्से को भी मिट्टी डालकर बेचने का काम बदस्तूर जारी है,कई बार तहसील प्रसाशन ने ट्रेक्टर ट्रॉली को जब्त भी किया लेकिन भू-माफियाओं के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उसी का नतीजा है कि 60% मोती झील पर मकान बन चुके हैं,कई बार शिकायतें आई कि एक प्लाट के दो-दो लोगों को बैनामा कर दिए गये। एक दो लोग बैनामा लेकर घूम रहे उनकी जगह पर भू-माफियाओं से साठगांठ कर दूसरे ने मकान बना लिया।
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भारतीय किसान यूनियन भानु के जिला संगठन मंत्री अनिल ठाकुर का कहना है कि तहसील प्रसाशन ने तीन दिन में यह अवैध मिट्टी डलवाना बंद नहीं करवाया तो भारतीय किसान यूनियन भानु मुख्य चोराहे पर बहुत बड़ा धरना प्रदर्शन कर भूख हड़ताल करने को बाध्य होगी।
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