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उसावां : होली के उपलक्ष्य में नगर के मनकामेश्वर मंदिर प्रांगण में बृहद काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन अमित वर्मा अम्बर ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि महेश मिश्रा ने की। गोष्ठी का कुशल संचालन रामसहाय शूल ने किया। संतोष कुमार सिंह ने पढ़ा, अगर तुम्हें आतंक मुक्त भारत को सदा की निरखना है, तो दिल्ली के सिंहासन पर शेर बिठाकर रखना है।
रामानंद मिश्रा ने पढ़ा, आओ गोरी को त्यौहार सब खेले होली होली, आओ होली को त्यौहार सब गए होरी होरी।
जगपाल जग ने पढ़ा, आज रंगो मांगों की बरसात है, आज हर आदमी प्यार से साथ है।
आजाद भारती ने पढ़ा, मौत का कारोबार मत करिए, जालिमों हद को पार मत करिए।
मुशीर अहमद मुशीर ने पढ़ा, हर रोज जलाता हूं मोहब्बत का चिराग,
सियासत की आंधियां है कि जलते नहीं देती।
महेश चंद्र कौशल ने पढ़ा, देश प्रेमी सदा ही निज देश का आधार है, देशद्रोही देश को दो धार की तलवार है।
रामसर स्कूल ने पढ़ा, जो मसीहा बन गई है मजहबी उन्माद पर,
वह महल सब ही टिके हैं खोकली बुनियाद पर।
अन्त में महेश अग्निमुख ने अध्यक्षीय कविता पढ़कर सभी कवियों का आभार प्रकट किया।
रिपोर्ट अमित वर्मा









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