शहर के मोहल्ला कृष्णापुरी के श्री जी रिसार्ट में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास आचार्य गोपाण शरण जी महाराज ने कहा.. दया, सत्य, दान और शुचिता धर्म के चार पैर हैं. कलियुग में दया, शुचिता और सत्य ये तीन पैर टूट चुके हैं थोडा बहुत दान बचा है. इसीलिए हमारे धर्म का प्रचार प्रसारर हो रहा है.धार्मिक कथाएं हमारे समाज को हमारी संस्कृति से जोडे रखती हैं.
श्री राधा कृष्ण सेवा समिति के आयोजन कथा व्यास ने समझाया परमात्मा ही पूर्ण है और संसार अपूर्ण है. इसीलिए सांसारिक लोगों के मन में अपूर्णता बनी रहती है. व्यक्ति को भगवान ने जितना दिया है उसी को पूर्ण मानकर संतुष्ट रहना चाहिए.
कथा में रामावतार के प्रसंगों का व्यास जी द्वारा सुंदर वर्णन किया गया. चंद्रवंश की कथा सुनाते हुए कहा जब जब धरती पर धर्म की हानि होती है, अधर्म बढने लगता है,तब धर्म की रक्षा करने के लिए इस धरा धाम पर भगवान का अवतार होता है. रामावतार औरर कृष्णावतार परमात्मा के पूर्ण अवतार माने जाते हैं.
देर रात तक चली कथा में कृष्ण जन्मोत्सव बडी धूमधाम से मनाया गया. रंग बिरंगे गुव्वारों से सजे हुए काथा पांडाल में बिस्कुट, टाफिययाँ सहित अनेक खाद्य सामग्रियो के पैकटों की बौछार की गयी.भक्तोंं ने जमकर भावनृत्य किया. संचालन कामेश पाठक ने संभाला पूजन पंडित उमेश शास्त्री ने करवाया और मूल पाठ पर पंडित उमेश शास्त्री जी रहे.
आयोजन में समिति अध्यक्ष विनोद कुमार मिश्रः, सचिव केएल गुप्ता, एमपी शर्मा, ग्रीश चंद्र पाराशर, मुन्ना लाल शर्मा, विश्वनाथ शर्मा, रामवीर शर्मा, दिनेश चंद्र मिश्रः, देवेश चंद्र मिश्रः,नरेंद्र कुमार शर्मा, अवधेश श्रोत्रिय, ठाकुर सत्यपाल सिंह, आरडी शर्मा, श्रीनिवास तिवारी, ठाकुर अनोज कुमार सिंह, रमाकांत दीक्षित, शिवेकानंद शर्मा, विनीत अग्निहोत्री, नरेंद्र गुप्ता, अनुपम पचौरी, राहुल मिश्रः, आदि का विशेष सहयोग रहा.

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