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हिंदू पक्ष का दावा – यहां पहले मंदिर था, मुस्लिम पक्ष बोला – हमेशा से मस्जिद रही।
बदांयू 27 जुलाई।
बदायूं में नीलकंठ महादेव मंदिर बनाम जामा मस्जिद विवाद मामले की सुनवाई आज नहीं हो सकी। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 11 अगस्त की तारीख तय की है। यह मामला वर्ष 2022 से अदालत में विचाराधीन है।
इस केस में अखिल भारत हिंदू महासभा और जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी मुख्य पक्षकार हैं। हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल इस मुकदमे के मुख्य वादी हैं।
हिंदू पक्ष का दावा है कि वर्तमान जामा मस्जिद वाली जगह पर पहले नीलकंठ महादेव का मंदिर था। आरोप है कि इसे आक्रमणकारियों ने तोड़कर मस्जिद में बदल दिया था। हिंदू पक्ष का यह भी कहना है कि वहां से प्राप्त शिवलिंग अब भी शहर के दरीबा मंदिर में स्थापित है।
इस प्रकरण में पुरातत्व विभाग ASI की रिपोर्ट पहले ही न्यायालय में प्रस्तुत की जा चुकी है। फिलहाल कोर्ट में मुस्लिम पक्ष की ओर से बहस जारी है।
इंतजामिया कमेटी का दावा है कि उस स्थान पर हमेशा से मस्जिद ही रही है और वहां किसी मंदिर का कोई अस्तित्व नहीं था। मुस्लिम पक्ष यह भी तर्क दे रहा है कि यह मामला सुनवाई योग्य ही नहीं है।
अब कोर्ट इस मामले पर 11 अगस्त को फिर सुनवाई करेगा।
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