उझानी- ठंड और कोहरे में आवारा गोवंशो से फसल बचाना किसानों को बनी मुसीबत
खेतों में झोपड़ी डाल रातों में जागना बना किसानों की मजबूरी।
उझानी- बदांयू एक्सप्रेस 24 दिसंबर।
कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच निराश्रित पशुओं के झुंड से फसलों को बचाने के लिए किसान रातभर खेत में रुकने को मजबूर हैं। खेत पर झोपड़ी,मचान डालकर किसान पहरा दे रहे हैं।
रबी के सीजन में खेतों में मटर, गेहूं, सरसों की फसल तैयार हो रही है। रात में आवारा गोवंश व जंगली जानवरों का झुंड खेतों में घुसकर फसलें खा जाते हैं। किसानों ने फसल के बचाव के लिए खेत के चारों ओर तारकसी भी की है। ये इंतजाम नाकाफी हैं। नरऊ के किसान महावीर सिंह ने बताया कि कड़ाके की ठंड में फसलों की रखवाली के लिए खेतों पर ही रात गुजारनी पड़ रही है।
मलिकपुर गांव के किसान राकेश गोतम बीती रात गेहूं की फसल की रखवाली कर रहे थे। इसी दौरान सांड़ खेत में घुस गया और फसल को खाने लगा। जानकारी होने पर उन्होंने उसे खेत से भगाने का प्रयास किया तो सांड ने उन पर हमला कर दिया। उनकी चीख पुकार की आवाज सुनकर आस-पास खेत पर मौजूद अन्य किसान उन्हें बचाने के लिए पहुंच गए।
काफी मशक्कत के बाद किसानों ने सांड से उसे बचाया। उन्होंने बताया कि रात में चार घंटे तक फसल को नुकसान पहुंचाने के बाद वह खेत से निकलकर गया।
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खेत में सरसों व गेहूं की फसल खड़ी हुई है। रात में गोवंश फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। फसल की रखवाली के लिए खेत पर झोपड़ी डालकर रात भर पहरा देना पड़ता है। -रामेश्वर यादव किसान मलिकपुर।
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मटर की फसल खेत में तैयार है। खेत के चारों ओर तारकसी तैयार करने के बाद भी गोवंश फसल को नुकसान पहुंचते हैं। रात में जागकर खेत पर पहरा देना पड़ रहा है। – शंकर सिंह किसान, नरऊ।
राजेश वार्ष्णेय एमके
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