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14 अप्रैल से बजेगा बैंड-बाजा, मांगलिक कार्यों की होगी धूम

उझानी बदायूं 12 अप्रैल।
एक महीने के ब्रेक के बाद फिर से बैंड-बाजा और शहनाई की गूंज सुनाई देगी। 14 अप्रैल को खरमास समाप्त हो रहा है, जिससे मांगलिक कार्यों पर लगा विराम खत्म होगा और शुभ कार्यों की शुरुआत होगी। खरमास और शुक्र अस्त के कारण 16 मार्च से विवाह जैसे कार्यों पर रोक लगी थी, लेकिन अब यह बाधा दूर होने जा रही है। बाजारों में फिर से रौनक लौटेगी और व्यापार में तेजी आने की उम्मीद है।

आचार्य प्रवीण शर्मा ने बताया कि 14 अप्रैल से लेकर 11 जून तक विवाह, मुंडन, सगाई जैसे अन्य मांगलिक कार्य पूरे विधिपूर्वक संपन्न हो सकते हैं। इस अवधि में कुल 24 शुभ मुहूर्त मिल रहे हैं। अप्रैल में सात, मई में 12 और जून में पांच शुभ मुहूर्त हैं। ऐसे में मई में सबसे अधिक शुभ मुहूर्त होने से मांगलिक कार्यों की धूम रहेगी। उन्होंने बताया कि यद्यपि मांगलिक कार्य रुके थे, लेकिन उपनयन संस्कार, नामकरण, गृह प्रवेश और धार्मिक अनुष्ठान जैसे अन्य शुभ कार्य इस दौरान भी होते रहे।

उन्होंने बताया कि 11 जून को बृहस्पति अस्त हो जाएगा, जिससे एक बार फिर मांगलिक कार्यों पर विराम लगेगा। इसके बाद छह जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ चार माह के चातुर्मास अवधि शुरू हो जाएगी। इस समय भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं, जिससे शास्त्रों के अनुसार मांगलिक कार्य वर्जित हो जाते हैं। यह स्थिति 31 अक्तूबर तक बनी रहेगी। फिलहाल शुभ कार्यों की बहाली से शादी-ब्याह के आयोजनों में तेजी आएगी, जिससे होटल, मैरिज हॉल, कैटरिंग, कपड़ों की बिक्री और बैंड-बाजे वालों के व्यवसाय में भी रौनक लौटेगी।

उधर, हरि प्रबोधिनी एकादशी के दिन यानी एक नवंबर से मांगलिक कार्यों की फिर से शुरुआत होगी। इस दिन से विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों के लिए मुहूर्त खुलेंगे।

इस सीजन में विवाह के शुभ मुहूर्त की प्रमुख तिथियां
अप्रैल- 14, 16, 18, 20, 24, 25, 29
मई-1, 5, 7, 8, 9, 11, 13, 15, 17, 22, 23, 28
जून- 2, 4, 5, 7, 9
———————————- राजेश वार्ष्णेय एमके।

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