12:21 am Tuesday , 21 July 2026
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शिक्षा व मिड डे मिल व्यवस्था को लेकर सरकारी विद्यालयों का ग्रामीणों का विरोध

म्याऊं घटना ग्राम पंचायत बिरिया डांडा ब्लाक म्याऊं के मझरा ईश्वरी नगला की है जिस में स्कूल परिसर राजनितिक तौर पर प्रधानाध्यपाक द्वारा दिये जाने के खिलाफ गांव वालों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को आवेदन दिया था जिसकी जांच खण्ड शिक्षा अधिकारी म्याऊं के हाथ में है।प्रकरण को लेकर खण्ड शिक्षा अधिकारी से बात हुई।जिस में ग्रामवासी सरकारी विद्यालय में चल रही व्यवस्था को पूर्णरूप से बदलना चा रहे हैं।इसे लेकर कई विंदुओं का एक शर्तनामा रखा है।
ग्रामवासियों के शर्तनामा के अनुसार विद्यालय व सरकारी सम्पत्ती सरकार की है सरकार जनता होती है ।और प्रतिनिधी सेवक होता है।प्रशासन सरकार का सर्वेंट होता है।इन विंदुओं के अनुसार विद्यालय गांव की संपदा है और उसकी व्यवस्था समस्त ग्रामीणों का अधिकार। लेकिन सरकारी विद्यालयों में अध्यापकों की मनमानी चल रही हैं। ट्रेन्ड अध्यापक होने के बावजूद शिक्षा नीति ध्वस्थ है।कई बर्ष पड़ने पर इन विद्यालयों के बच्चों को हिंदी तक का ज्ञान नहीं है।जनपद में लगभग2200 विद्यालय हैं किसी विद्यालय में सरकारी अध्यापक का बच्चा इन विद्यालयों शिक्षा प्राप्त नहीं करता क्योंकि प्रत्येक अध्यापक को जानकारी है कि यहां सिर्फ गरीब लोगों के बच्चों के भबिष्य से खिलबवाड़ करना है।ग्रामवासियों का कहना है।हम अपने गाव के विद्यालयों की व्यवस्था बदलेंगे तो जनपद तक यह मैसेज जायेगा धीरे धीरे हो सकता है जनपद का प्रत्येक विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था ठीक हो जायेगी।

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