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साईबर ठगी- उझानी में बेट्री विक्रेता व जनसुविधा केन्द्र संचालक को बातों में उलझाकर 20 हजार ठगे

।***********/*** बेट्री विक्रेता को कहा जनसुविधा केन्द्र से बीस हजार ले आऐ, वही संचालक को कहा नकद भेज रहा ट्रांसफर कर दो।******************** उझानी बदांयू 19 जनवरी 2025। साईबर ठगी का नया पेंतरा दो दिन पहले नगर के एक बेट्री विक्रेता व जनसुविधा केन्द्र के संचालक को बातों में उलझाकर साईबर ठग ने संचालक को बीस हजार का चूना लगा दिया। पीड़ित ने साईबर थाने को सूचना दी वहीं बेट्री विक्रेता ने अपने निर्दोष होने को कोतवाली में तहरीर दी है।————————————– —*1-ऐसे बेट्री विक्रेता को फंसाया।————————— सुबह सुबह बहादुर गंज निवासी अमीरुद्दीन उर्फ अनवर भाई को राजीव नाम के अनजान शख्स ने मोबाइल पर दो बेट्री के रेट पूछे 26000 हजार में तय होने के बाद कहा संजरपुर रोड पर अवनीश जनसुविधा केन्द्र पर जाकर अभी बीस हजार नकद ले आऐ। बाकी बेट्री उठाने पर मिलेंगे। जनसुविधा केन्द्र पर मुनेन्द्र से मेरी बात करा देना। बेट्री के रेट के बारे में कोई बात नहीं करना। ——————————————– 2- मुनेन्द्र को ऐसे फंसाया।—————— अनजान शख्स ने आनलाइन रुपए ट्रांसफर करने को जनसुविधा केन्द्र संचालक को मोबाइल से बीस हजार रुपए बताऐ क्यूआरकोड पर 200 रूपये देकर ट्रांसफर करने को मुनेन्द्र से कहा। रूपये अनवर बेट्री वाले लेकर आ रहे हैं।——————————————– साईबर ठगी को ऐसे दिया अंजाम ।———————— जनसुविधा केन्द्र जाने पर अनवर भाई ने फोन लगाकर मुनेन्द्र से बात कराई । वही दूसरे मोबाइल से साईबर ठग ने मुनेन्द्र को क्यूआरकोड डाला ओर एक ही मोबाइल पर अनवर व मुनेन्द्र को कान्फ्रेंस के जरिए जोडे रखा। चिकनी चुपड़ी बातों में उलझाए रखा जब तक बीस हजार बताऐ क्यूआरकोड से ट्रांसफर ना हुऐ। वही अनवर भाई को भी पुरानी बेट्री बेचने की बातों में उलझाए रखा। रूपये ठग के खाते में जाते ही दोनों के मोबाइल पर बात बंद। ऐसे दिया ठगी का अंजाम।——*——————बीस हजार रूपए ट्रांसफर होते ही मुनेन्द्र ने अनवर से कहा कि बीस हजार रुपए दो। तो अनवर बोले में तो बीस हजार लेने आया था। उन्होंने रिकार्ड की गई सारी डिटेल सुना दी। तब मुनेन्द्र को ठगे जाने का एहसास हुआ। मुनेन्द्र कोतवाली गया अनवर भाई को बुलाया तो उन्होंने सारी काल डिटेल पुलिस को सुनाई कहा कि रूपए ट्रांसफर करते वक्त मुनेन्द्र को मुझसे बीस हजार रुपए मांगने चाहिए थे। जबकि में मुनेन्द्र को जानता भी नहीं। अनवर भाई ने अपने को निर्दोष बताते हुए कोतवाली में तहरीर दी। वही मुनेन्द्र ने भी बीस हजार की ठगी होने की कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।————————- राजेश वार्ष्णेय एमके।

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