5:06 pm Sunday , 2 August 2026
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उफनती गंगा निचले इलाकों में हड़कंप: खेत डूबे, कांवड़ियों की बढ़ी मुश्किलें, बांधों पर अलर्ट

बदांयू 2 अगस्त।

यूपी में लगातार हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण कछला गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। इसका असर कछला के तटीय इलाकों में साफ दिख रहा है। नदी किनारे के खेत जलमग्न हो गए हैं और किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं कांवड़ लेकर आ रहे श्रद्धालुओं को भी गंगा घाटों पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सिंचाई विभाग के अनुसार शनिवार रात बिजनौर बैराज से पानी का प्रवाह 2 लाख क्यूसेक के पार चला गया था। रात में यह 2.14 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया, जिसके बाद बाढ़ नियंत्रण कक्ष को हाई अलर्ट जारी किया गया। 12 घंटे बाद रविवार सुबह का प्रवाह घटकर 1.81 लाख और नरौरा बैराज का 1.72 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया। इसके बावजूद जिले की सीमा में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

उफनती गंगा की धारा अब तटीय इलाकों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। बाढ़ का पानी खेतों में भर चुका है बिजनौर और नरौरा बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने से गंगा के कच्चे बांधों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे कटान का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। पिछले 24 घंटों से बैराजों से मीडियम फ्लड लेवल का प्रवाह बना हुआ है।

तटीय गांवों में पानी पहुंचने से ग्रामीण सहमे हुए हैं। उर्वेश ने बताया कि बाढ़ का पानी गांव की पुलिया तक पहुंच गया है। अगर जलस्तर और बढ़ा तो रास्ता पूरी तरह बंद हो जाएगा और गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएगा। खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूबने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। कछला के आसपास के इलाकों में भी बाढ़ की आहट से लोग परेशान हैं। कछला गंगा घाटों पर भी जलस्तर तेजी से बढ़ा है।

बैराजों से पानी का प्रवाह

हरिद्वार बैराज से: 1,23,872 क्यूसेक ।
बिजनौर बैराज से: 1,81,216 क्यूसेक ।
नरौरा बैराज से: 1,72,721 क्यूसेक ।
-कछला ब्रिज: का जलस्तर 162.80 मीटर के निशान पर।

फिलहाल प्रशासन ने तटीय इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की है।

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