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बेतरतीब खड़े ट्रक-ट्रैक्टर और खुले नाले ने बढ़ाई मुसीबत, पिछली बार कांवड़ियों के फंसने पर हुआ था बवाल।
उझानी-बदांयू 31 जुलाई।
उझानी-कादरचौक मार्ग पर रेलवे फाटक से निकलते ही शुक्रवार दोपहर एक बार फिर ट्रैफिक का बुरा हाल हो गया। तौल के चक्कर में चालकों ने ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क पर आड़ी-तिरछी खड़ी कर दीं। इससे फाटक से करीब एक किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई।
दोपहर की चिलचिलाती धूप और 30 डिग्री से ऊपर तापमान में लगे जाम में स्कूली बसें घंटों फंसी रहीं। बसों के अंदर छोटे-छोटे बच्चे पानी-पानी कर रहे थे। एक एंबुलेंस भी करीब 45 मिनट तक जाम में फंसी रही। मरीज के परिजन हाथ जोड़कर रास्ता मांगते रहे। पैदल चलने वालों के लिए भी जगह नहीं बची।
स्थानीय लोग बताते हैं कि पिछले साल सावन में ठीक इसी जगह जाम लगने पर कांवड़ियों की टोली फंस गई थी। उस दिन काफी बवाल हुआ था। इसके बाद भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया।
बरेली-मथुरा हाईवे पर जाम न लगे इसके लिए पुलिस-प्रशासन दिन-रात मुस्तैद रहता है। लेकिन कादरचौक मार्ग को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। सावन शुरू हो चुके है। बुर्रा फरीदपुर के ऐतिहासिक शिव मंदिर और पटना देवकली मंदिर में जल चढ़ाने हजारों शिवभक्त इसी रास्ते से गुजरेंगे। ऐसे में यहां जाम लगा तो हालात बिगड़ना तय हैं।
सबसे बड़ी दिक्कत नगर पालिका का सड़क किनारे बह रहा खुला नाला है। कचरे और गंदगी से भरा नाला अब सड़क का हिस्सा बन गया है। एक तरफ वाहन खड़े होने के कारण लोगों को उसी नाले के किनारे से निकलना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अगर किसी दिन कोई कांवड़िया कांवड़ लेकर इस नाले में गिर गया तो बवाल तय है।
रोज का यही तमाशा है। तौल वाले ट्रक वाले मनमानी करते हैं। पुलिस आती है, 10 मिनट में चली जाती है -राहुल, स्थानीय दुकानदार ।
बच्चे स्कूल से आ रहे थे, बस में गर्मी की वज़ह से परेशान होने लगे। प्रशासन कब जागेगा। सीमा देवी, अभिभावक।
लोगों ने डीएम और एसपी से मांग की है कि
फाटक के 500 मीटर तक नो-पार्किंग और नो-तौल जोन घोषित किया जाए।
नाले की तत्काल सफाई और कवरिंग कराई जाए।
सावन भर कादरचौक मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए।
अगर समय रहते इंतजाम नहीं हुए तो सावन में आस्था और अव्यवस्था की टक्कर होना तय है।
— राजेश वार्ष्णेय एमके।

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