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अधिक दाम वसूला तो जेल और ब्याज सहित वसूली का प्रावधान।
बदांयू 11 जुलाई।
मरीजों के लिए राहत भरी खबर। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण यानी एनपीपीए ने कैंसर, मधुमेह, बीपी, एचआईवी और दिल की बीमारियों समेत 39 जरूरी दवाओं के खुदरा दाम तय कर दिए हैं। अब देशभर में ये दवाएं एक ही कीमत पर मिलेंगी।
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने शुक्रवार रात इसकी अधिसूचना जारी कर दी।
सरकार ने आम और गंभीर दोनों तरह की बीमारियों की दवाओं को इस सूची में रखा है,
बीपी और शुगर- एम्लोडिपिन, टेल्मिसार्टन और मेटोप्रोल सक्सिनेट कॉम्बो टैबलेट अब 12.03 रुपये में उपलब्ध होगी।
इन्फेक्शन- अमॉक्सिसिलिन + पोटैशियम क्लैवुलानेट टैबलेट 19.53 रुपये और 27.31 रुपये में मिलेगी।
एचआईवी- डारुनाविर + रिटोनाविर + डोल्यूटेग्राविर किट अब 330.40 रुपये में।
दिल की बीमारी के लिए टेनेक्टेप्लेस 50 मिग्रा इंजेक्शन 60,238.27 रुपये में।
अन्य एस्पिरिन, मेटफॉर्मिन सहित दर्द, मिर्गी और आंखों की जीवनरक्षक दवाएं
इन कीमतों पर जीएसटी अलग से लगेगा।
सरकार ने साफ कर दिया है कि कोई भी कंपनी या मेडिकल स्टोर तय दाम से ज्यादा वसूली नहीं कर सकता।
1. रेट लिस्ट अनिवार्य
हर दवा दुकान को दुकान के बाहर साफ अक्षरों में नई रेट लिस्ट लगानी होगी।
ज्यादा वसूली पर कार्रवाई -मरीजों से अधिक पैसे लेने पर पूरी रकम ब्याज सहित वापस ली जाएगी।
कानूनी प्रावधान- आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई होगी। दोषी पाए जाने पर जेल भी हो सकती है।
नए ब्रांड पर भी लागू जो कंपनियां इन्हीं दवाओं को नए नाम से बेचेंगी, उन्हें भी यही रेट मानना होगा
एनपीए का कहना है कि इससे करोड़ों मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा और दवाओं की कीमतों में एकरूपता आएगी।
दवा खरीदते समय दुकान पर लगी रेट लिस्ट जरूर देखें। तय रेट से ज्यादा मांगे जाने पर नजदीकी औषधि नियंत्रक या एनपीपीए की हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब कई जिलों में जन औषधि केंद्रों पर शुगर और बीपी की दवाओं की कमी की शिकायतें आ रही थीं। अब तय दाम से आम आदमी की जेब पर बोझ कम होने की उम्मीद है।
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