बिसौली में बुधवार को ग्राम पंचायत सचिव और क्षेत्राधिकारी (सीओ) के बीच हुआ विवाद कुछ समय के लिए प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया। एक पुराने प्रकरण में अभिलेखों संबंधी जानकारी लेने के लिए ग्राम पंचायत सचिव अंकुर पारासरी को सीओ कार्यालय बुलाया गया था। सचिव का आरोप है कि पूछताछ के दौरान उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, धमकाया गया और मोबाइल छीनने का प्रयास हुआ। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत सचिव कार्यालय परिसर पहुंच गए और विरोध दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे।
दूसरी ओर, सीओ अंशुमन श्रीवास्तव ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि सचिव को केवल विवेचना के सिलसिले में आवश्यक जानकारी के लिए बुलाया गया था और पूछताछ पूरी तरह नियमानुसार हुई। उनके अनुसार किसी प्रकार की अभद्रता, धमकी जैसी घटना नहीं हुई। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से कुछ देर तक माहौल तनावपूर्ण रहा और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति सामान्य कराने के लिए लगातार वार्ता की।
करीब दो घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद धरना समाप्त हो गया और मामला फिलहाल शांत हो गया। हालांकि दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं। ऐसे में पूरे प्रकरण की सच्चाई अब उच्चाधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह मामला बदायूं में पुलिस और पंचायत विभाग के बीच समन्वय को लेकर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

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