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उझानी : हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सार्वजनिक रास्ते पर बनी दीवार हटेगी।

एसडीएम को मामले की दोबारा सुनवाई कर कार्रवाई के आदेश, याचिका हुई मंजूर।

उझानी-बदांयू 8 जुलाई।

उझानी गौशाला रोड पर गाटा संख्या 1419/2 पर बने सार्वजनिक रास्ते को बंद करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने एसडीएम बदायूं और एफटीसी कोर्ट के आदेशों को निरस्त करते हुए सार्वजनिक रास्ते को बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

उझानी तहसील के गाटा संख्या 1419/2 राजस्व अभिलेखों में सार्वजनिक मार्ग के रूप में दर्ज है। लेकिन यहां सीसी की सड़क बनी हुई थी, जिसका इस्तेमाल स्थानीय लोग पिछले 15 वर्षों से कर रहे थे। आरोप है कि एक व्यक्ति ने इस रास्ते पर दीवार बनाकर आवागमन रोक दिया।

इससे परेशान होकर शुभम चौहान ने धारा 133 सीआरपीसी के तहत एसडीएम बदायूं के यहां प्रार्थना पत्र दिया। राजस्व निरीक्षक ने 20 नवंबर 2014 की रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा कि रास्ता सार्वजनिक है और उसे बंद कर दिया गया है। इसके बावजूद एसडीएम ने 22 फरवरी 2019 को यह कहते हुए मामला खारिज कर दिया कि अब यह क्षेत्र आबादी में बदल चुका है, इसलिए सीमांकन संभव नहीं है। इसके खिलाफ दाखिल की गई निगरानी को भी एफटीसी बदायूं ने 30 जनवरी 2025 को खारिज कर दिया था।

मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा। न्यायमूर्ति अनिल कुमार-एक्स की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सौरभ कुमार ने कहा कि रास्ता बंद होने से बड़ी संख्या में लोगों को दिक्कत हो रही है। राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट में भी यह बात साफ है कि सड़क मौजूद थी और उसे बंद किया गया है।

वहीं राज्य सरकार की ओर से उपस्थित एजीए अमृत राज ने कहा कि अब उस जमीन पर कई लोगों ने मकान बना लिए हैं। सीमांकन होने पर लोग बेघर हो जाएंगे, इसलिए कार्यवाही बंद की गई।

कोर्ट ने पाया कि एक रिपोर्ट में रास्ते को सार्वजनिक बताया गया, जबकि दूसरी में इसे सार्वजनिक नहीं माना गया। अभिलेखों को देखने के बाद कोर्ट ने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में यह जमीन सार्वजनिक मार्ग के रूप में दर्ज है और प्रतिवादी ने दीवार बनाकर उसे बंद किया है। ऐसे में एसडीएम का आदेश जारी न करना उचित नहीं था।

13 मई 2026 को सुनाए गए आदेश में हाईकोर्ट ने कहा कि न्याय के हित में दोनों निचली अदालतों के आदेश निरस्त किए जाते हैं। कोर्ट ने एसडीएम बदायूं को निर्देश दिया कि वह वाद संख्या 8927/2014 राज्य बनाम जसवेंद्र को पुनः शुरू करे और इस आदेश के आलोक में नियमानुसार कार्रवाई करे।

कोर्ट के इस फैसले से उझानी क्षेत्र के दर्जनों परिवारों को राहत मिली है। लोगों का कहना है कि रास्ता खुलने से आवागमन आसान हो जाएगा।याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पैरवी की।

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