बदायूं की बात- सुशील धींगडा के साथ
आज पहली बरसात ने शहर को हिला कर रख दिया। एक घंटे की बरसात ने पूरा शहर जिस तरह जलमगन किया उसने पूर्व पालिका चेेयरमैन दीपमाला गोयल के कार्यकाल में होने वाले जलभराव की तस्बीर फिर से दिखा दी जिसके बाद चेयरमैन बनी फात्मा रजा ने शहर को जलभरव से मुक्ति दिलाने हेतु 33 नालों का निर्माण कराते हुए जलभराव ना होने का दावा किया जो आज हवा – हवाई और डूबी कमाई वाली हालत बना दी। लोगों का कहना है कि पिछले समय जब बदायूं की चेयरमैन भाजपा की दीपमाला गोयल थी और उस समय प्रदेश के नगर विकास मंत्री बदायूं के सदर विधायक महेश गप्ता हुआ करते थे उस समय लोगों को एक राजनेतिक दल को जिम्मेदार मानते हुए नगर पालिका चुनाव में फात्मा रजा को सौंपी थी। लोगों का लगा था कि चेयरमैन और विधायक अलग – अलग राजनेतिक दल के होगें तो हालात बदलेगें लेकिन आज तो लोगों को लग रहा है कि हालातों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। लोगों की माने तो इस बदहाली के जिम्मेदार वह लोग हैं जिन्होंने घरों के कमरों में बैठकर शहर के विकास का खाका बनाया लेकिन उसका निर्माण की तरफ देखने तक गवांरा नहीं किया।
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