बदायूं। मानसून की पहली जोरदार बारिश ने बदायूं नगर पालिका के दावों की हकीकत सामने ला दी। शहर में 33 नालों के निर्माण, नालों की तलीपोछ सफाई और जलभराव से मुक्ति के दावे पहली ही बारिश में धराशायी नजर आए। शहर के कई मोहल्लों, मुख्य मार्गों और बाजारों में जलभराव होने से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
बारिश के कुछ ही घंटों में शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। गलियों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। कई स्थानों पर दुकानों में पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वहीं राहगीरों और वाहन चालकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका द्वारा नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन पहली ही बरसात ने सभी दावों की पोल खोल दी। लोगों का आरोप है कि कई नाले या तो पूरी तरह साफ नहीं किए गए या फिर उनकी निकासी व्यवस्था प्रभावी नहीं है, जिसके कारण बारिश का पानी सड़कों और रिहायशी इलाकों में भर गया।
शहर के अनेक प्रमुख मार्गों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा। दोपहिया वाहन बंद हो गए और पैदल चलने वाले लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को घंटों तक पानी निकलने का इंतजार करना पड़ा।
बारिश के बाद शहरवासियों की जुबान पर एक ही सवाल है कि यदि पहली बारिश में ही यह स्थिति है, तो पूरे मानसून में हालात कैसे संभलेंगे? नागरिकों ने प्रशासन और नगर पालिका से स्थायी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है।
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