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बिसौली: विकास की विरासत और वर्तमान चुनौतियां, बाईपास की मांग फिर हुई तेज

बिसौली। एक समय ऐसा था जब बिसौली क्षेत्र में विकास कार्यों, विशेषकर सड़क निर्माण को नई पहचान मिली थी। स्थानीय लोगों के अनुसार तत्कालीन विधायक बाबू ब्रजबल्लभ के कार्यकाल में क्षेत्र में सड़कों का व्यापक जाल बिछाया गया और अनेक गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा गया, जिससे आवागमन काफी सुगम हुआ।

वहीं क्षेत्र का राजनीतिक इतिहास भी काफी प्रभावशाली रहा है। पूर्व सांसद श्रीमती शांति देवी यादव का प्रदेश की राजनीति में विशेष स्थान रहा। बताया जाता है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी उन्हें सम्मानपूर्वक “बुआ जी” कहकर संबोधित करते थे।

क्षेत्र की राजनीति में डी.पी. यादव की सक्रिय भूमिका भी लंबे समय तक चर्चा का विषय रही। उनकी पत्नी श्रीमती उमलेश यादव विधायक रह चुकी हैं। इसके अलावा डी.पी. यादव की यदु चीनी मिल भी इसी क्षेत्र में स्थित है, जिसने लंबे समय तक स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हालांकि, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विकास की उस विरासत के बावजूद आज बिसौली नगर बाईपास मार्ग जैसी महत्वपूर्ण परियोजना अब भी अधूरी है। बढ़ते यातायात और नगर में लगने वाले जाम से लोगों को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्रवासी लंबे समय से बिसौली बाईपास के निर्माण की मांग उठा रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि सरकार इस महत्वपूर्ण परियोजना को जल्द स्वीकृति देकर कार्य शुरू कराएगी।
बिसौली – निर्वाचन विधायक
वर्ष विधायक दल
1957 शिव राज सिंह कांग्रेस
1957 केशो राम कांग्रेस
1962 शिव राज सिंह कांग्रेस
1967 कृष्णवीर सिंह भारतीय जनसंघ
1969 कृष्णवीर सिंह भारतीय क्रांति दल
1974 कृष्णवीर सिंह भारतीय क्रांति दल
1977 बृज बल्लभ निर्दलीय
1980 बाबू बृज बल्लभ कांग्रेस (आई)
1985 योगेन्द्र कुमार निर्दलीय
1989 योगेन्द्र कुमार कांग्रेस
1991 कृष्णवीर सिंह जनता दल
1993 दया सिंधु शंखधार भाजपा
1996 योगेन्द्र कुमार समाजवादी पार्टी
2002 योगेन्द्र कुमार समाजवादी पार्टी
2007 उमलेश यादव राष्ट्रीय परिवर्तन दल (RPD)
2012 आशुतोष मौर्य समाजवादी पार्टी
2017 कुशाग्र सागर भाजपा
2022 आशुतोष मौर्य समाजवादी पार्टी

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