4:07 am Monday , 20 July 2026
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बदायूं में भाजपा की रणनीति विधानसभा चुनाव में हो सकती है फेल

बदायूं की बात – सुशील धींगडा के साथ

विधानसभा बदायूं में भगवा रंग लाना था तो भाजपा को क्षेत्रीय अध्यक्ष बदायूं से का बनाना ख्चाहिए था। इस बात को समझने को सत्ताधारियों उस समय पर गौर करना होगा जब बदायूं निवासी बीएल वर्मा क्षेत्रीय अध्यक्ष थे तो उस समय होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने कई वर्षों के बाद पहले संसदीय चुनाव और बाद में विधानसभा चुनाव में सपा के किले को भगवा करके दिखाया था लेकिन उसके बाद क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य बने जिनके समय में जिले की राजनीति में सपा भाजपा के सामने खडी हो गई जिसके चलते वर्तमान में यह स्थिति हैं कि बदायूं के सांसद आदित्य यादव सपा के हैं जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में सपा के तीन विधायक सहसवान से ब्रजेश यादव, शेखूपुर से हिमांशु यादव तथा बिसौली से आशुतोष मौर्य विधायक बने थे और शेष तीन सीटों पर भाजपा के बदायूं सदर से महेष चंद्र गुप्ता, दातागंज से राजीव कुमार सिंह बब्बू और बिल्सी से हरीश शाक्य विधायक बने थे। अब इस दौरान सबसे गौर करने वाली बात यह है कि वर्तमान में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य बदायूं जिले के निवासी होने के बावजूद लोगों के दिल में यह जगह नहीं बना सके। सर्वविदत चर्चा है कि वह बदायूं के रहने वाले हैं अब तक तमाम लोग उनको मंडल मुख्यालय बरेली का ही मानते हैं और अन्य कारणों के साथ संसदीय चुनाव में क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह स्वयं भाजपा के उम्मीदवार होने के बावजूद चुनाव में बदायूं सीट से पराजित हो गए क्योंकि उनके सामने भले आदित्य यादव बदायूं की राजनीति में नए थे लेकिन उनके चुनाव की व्यूह रचना वर्तमान में आजमगढ के सपा सांसद धर्मेन्द्र यादव तथा आदित्य यादव के पिता शिव पाल सिंह यादव की थी जो आने वाले विधानसभा चुनाव में बदायूं की सपाई रणनीति के फिर खेवनहार बनेगे और इसी तथ्य और राजनेतिक द्रष्टिकोण को द्रष्टिगत रखकर एक बार फिर बदायूं निवासी भाजपाई को क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाकर सपाई रणनीति लेकर मैदान में आना चाहिए था।

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