‘कागजों में करोड़पति, जमीन पर लापता’— उझानी की फर्जी फर्म ने सरकार को लगाया 43 लाख का चूना।
4 साल में बिना एक तख्त बेचे दिखा दिया 2.5 करोड़ का टर्नओवर, जांच टीम को गांव में नहीं मिला फर्म का नामोनिशान।
उझानी, बदायूं 20 जून 2026।
कछला रोड रेलवे क्रॉसिंग के पास छत्तुइया गांव के पते पर कागजों में चल रही M/S SHAVNOOR TRADERS ने जीएसटी विभाग की आंखों में धूल झोंककर 43,39,287 रुपये का करवंचन कर डाला। हैरानी की बात ये कि फर्म ने 2022 से 2025 तक बिना लकड़ी का एक टुकड़ा बेचे 2.5 करोड़ रुपये से ज्यादा का टर्नओवर दिखा दिया।
कैसे हुआ ‘हवा-हवाई’ कारोबार का पर्दाफाश?
राज्य कर विभाग बरेली रेंज-ए की जांच में सामने आया कि फर्म ने कैंसिल और शून्य ITC वाली फर्मों से इनवर्ड सप्लाई दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट हड़प लिया।
साल-दर-साल घोटाले का गणित:
2022-23- 40.56 लाख टर्नओवर पर 6.89 लाख का अपवंचन
2023-24- 55.21 लाख पर 9.80 लाख का अपवंचन ।
2024-25- 1.34 करोड़ पर 23.57 लाख का अपवंचन ।
2025-26- 19.05 लाख पर 3.12 लाख का अपवंचन।
37 ई-वे बिल कैंसिल कर मिटाए सबूत
फर्म ने 2024-25 में 40.98 लाख के 32 और 2025 में 8.34 लाख के 5 ई-वे बिल कैंसिल कर दिए। यानी माल भेजा ही नहीं, सिर्फ बिल बनाकर सरकार से ITC वसूल ली।
‘भूत बंगला’ निकली फर्म
24 सितंबर 2025 को विभागीय टीम जब छत्तुइया गांव पहुंची तो पते पर कोई फर्म नहीं मिली। ग्रामीणों ने बताया कि यहां न कोई लकड़ी का कारोबार है, न लोडिंग-अनलोडिंग होती है। फर्म स्वामिनी शवनूर पुत्री शफीक को कोई नहीं पहचानता। पोर्टल पर दर्ज मोबाइल नंबर पर इनकमिंग बंद मिली। फोटो दिखाने पर भी लोगों ने पहचानने से इनकार कर दिया।
प्रोपराइटर सहसवान की निकली
जांच में फर्म अस्तित्वहीन पाई गई। विभाग ने प्रोपराइटर Shavnoor C/o SHAFEEQ, मोहल्ला सैफुल्लागंज, सहसवान के खिलाफ सरकारी राजस्व की चोरी और अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज करने के लिए कोतवाली उझानी को तहरीर दी है।
अपर आयुक्त ग्रेड-2 राज्य कर बरेली जोन के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है ,अब पुलिस फर्जी बिलिंग के इस खेल में शामिल पूरे नेटवर्क की तलाश करेगी।
राजेश वार्ष्णेय एमके



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