चुनाव में झंडे लेकर निकलने वाले बाद में डंडे लेकर निकलेगें ?
बदायूं की बात – सुशील धींगडा के साथ
बदायूं जिले की बात करे तो ऐसा लगता है कि यहां विकास कार्यो को लेकर फोटोग्राफी प्रतियोगिता चल रही है पर ऐसा नहीं नहीं है। सबकी नजर का फेर है जो किसी को हर तरफ विकास की लहर चल रही है और स्वर्ग से सुन्दर बस्ती बनाने की राह बन रही है जबकि कुछ लोग मंहगाई की लहर देख रहे हैं परंतु अपनी बात को सामने वाले के नजरियें से कोई नहीं देख रहा है यही आम आदमी के दिल को चुभ रहा है। पिछले समय में दो बार कछला में और सहसवान में एक बार पार्किग शुल्क के नाम पर गुंडा टैकस की वसूली बेखौफ होकर की गई तो सब चुप्पी साधकर बैठे रहे तब किसी को कुछ नही दिखा। सैजनी के हत्याकांड ने जिले को किस तरह जनचचा में लाने का काम किया वह किसी को नहीं दिखा। विधानसभा चुनाव और उसके बाद लोकसभा चुनाव में बरसाती मेढक की तरह दिखने वाले अब चुनाव का समय नजदीक आने के साथ फिर से दिखने लगे हैं और कुर्सी प्रेम ने उनको उस आदमी से रिश्तेदारी याद आने लगी है जिसको वह चुनाव के बाद पूरी तरह भूल गए थे। अब किसको कहां पर क्या कमी दिख रही है उसको तो देखने वाले जाने पर बदायूं की राजनीति में आम आदमी को तो एक बात नजर आ रही है कि अब तो चुनाव के दिन आए तो सब झंडे लेकर निकल पडे और जब चुनाव हो जाएगें सब डंडे लेकर निकलेगे।
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com

