7:57 am Monday , 20 July 2026
BREAKING NEWS

चलो इक बार फिर से दरिया बिछायें हम दोनों

चलो इक बार फिर से दरिया बिछायें हम दोनों
बदायूं की बात – सुशील धींगडा के साथ
पता नहीं राजनेतिक दलों के हाईकमान बदायूं को किस नजर से देख रहे हैं। संगठन को फर्श से अर्श पर पहुंचाना हो कार्यकर्ता देवतुल्य हो जाता है, दरिया बिछना हो तो कार्यकर्ता को समर्पित और निष्ठावान बना दिया जाता है पर जब टिकट वितरण की बात आए तो कुर्सी पर बैठने के लिए बदायूं की जगह बाहर से उम्मीदवार थोप दिया जाता है। अब तो हालत ऐसी हो गई है कि निष्ठावान और समर्पित उपलब्धि सुनते – सुनते कार्यकताओं के कान पक गए हैं और कार्यकर्ताओं को लगने लगा है कि उनका जन्म केवल दरिया बिछाने को ही हुआ है। वैेसे तो एक बात साफ है कि पार्टी चाहे कोई भी हो हाईकमान सब पर भारी रहता है और रहना भी चाहिए लेेकिन हाईकमान को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बदायूं में भी समर्पित, निष्ठावान और देवतुल्य इंसान रहते हैं उनको कब तक दरियां बिछाने तक आरक्षित रखा जाएगा। वर्तमान में सबसे बुरी हालात तो सत्ताधारी भाजपा द्वारा हरि सिंह ढिल्लोें को टिकट दिए जाने पर अंर्तद्वंद्ध के हालात बने दिख रहे हैं जहां सोशल मीडिया पर श्री ढिल्लों को उम्मीदवार बनाये जाने पर अजीबोगरीब टीका टिप्पणी की जा रही हैं जिसमें दरियां बिछाने वाले और कुर्सी पर आने वालों के बीच राजनेतिक महाभारत सी छिडी दिख रही है जो उपहास के हालात बना रही है।

विज्ञापन एक्सप्रेस