5:59 pm Sunday , 19 July 2026
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संदिग्ध शराब ने छीनी किसान की जिंदगी, मौत के बाद अवैध शराब कारोबार पर उठे सवाल

बदायूं

संदिग्ध शराब ने छीनी किसान की जिंदगी, मौत के बाद अवैध शराब कारोबार पर उठे सवाल

केशव गुप्ता

बिसौली (बदायूं) क्षेत्र में एक किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने एक बार फिर अवैध शराब के धंधे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव बीघा नगला निवासी 52 वर्षीय किसान सुरेश पाल सिंह की शराब पीने के कुछ घंटे बाद तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक के साथ-साथ आक्रोश भी व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार सुरेश पाल सिंह शनिवार शाम गांव की एक दुकान से शराब पीकर घर लौटे थे। परिजनों के मुताबिक घर पहुंचने के कुछ देर बाद ही उन्हें उल्टी, चक्कर और बेचैनी की शिकायत होने लगी। हालत लगातार बिगड़ती देख परिवार के लोग उन्हें बिसौली के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
सूचना मिलने पर कोतवाली बिसौली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का दावा है कि गांव बीघा नगला और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध तौर पर शराब बेची जा रही है। उनका आरोप है कि कई दुकानों पर खुलेआम संदिग्ध और नकली शराब का कारोबार चलता है, जिसकी शिकायत कई बार पुलिस और आबकारी विभाग से की गई, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया होता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले सुरेश पाल सिंह अपने घर के प्रमुख सहारा थे। उनके तीन बेटे हैं और सभी विवाहित हैं। परिवार का कहना है कि एक कमाने वाले सदस्य की मौत से घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद ग्रामीणों ने अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पूरे नेटवर्क की जांच की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि अवैध शराब की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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