7:34 am Tuesday , 21 July 2026
BREAKING NEWS

निधि का पिटारा कब खुलेगा माननीय ? उझानी अंधेरे में, जनता की सांसें फ्यूज

निधि का पिटारा कब खुलेगा माननीय? उझानी अंधेरे में, जनता की सांसें फ्यूज!

उझानी-बदांयू 24 मई।

उझानी की जनता का मीटर अब घूम चुका है। बिजली ने ऐसा करंट मारा है कि घर का पंखा भी मुंह चिढ़ाता है। समस्या का नाम: 10 MVA ट्रांसफार्मर। और इलाज का पता: सांसद-विधायक निधि का पिटारा।

बिजली का हाईवोल्टेज ड्रामा

गर्मी में AC चलाओ तो पूरा मोहल्ला ब्लैकआउट। बच्चों की कॉपी में पसीना, दुकानदार के फ्रिज में पसीना, और लाइनमैन के माथे पर पसीना। पुराने ट्रांसफार्मर ने तो ऐसे हाथ खड़े किए हैं जैसे कह रहे हों, “हमसे न हो पाएगा”।

इंजीनियर भी बोल चुके: 10 MVA का नया जिन्न बोतल से बाहर आएगा तभी उझानी की ट्रिपिंग का भूत भागेगा।

निधि वापस, जनता हताश

सबसे बड़ा मसाला ये है। हर साल करोड़ों की निधि आती है। विकास के नाम पर फाइलें दौड़ती हैं, पर पैसा वापस दिल्ली-लखनऊ लौट जाता है। अरे माननीय, ये जनता का पैसा है, जनता पर ही लुटा दो।

एक ट्रांसफार्मर लगवा दो, पूरी उझानी सुबह-शाम आपको दुआएं देगी। वरना दिवाली पर दिए तो जलेंगे, पर चेहरों पर अंधेरा रहेगा।

लाइनमैन भी बोले: हमें बख्श दो

बिजली कर्मचारियों का हाल पूछो मत। जनता की गालियां पहले इनके कानों में बजती हैं, फिर फॉल्ट ठीक करते हैं। फ्यूज उड़े तो फोन इनका बजे। माननीय, एक ट्रांसफार्मर लगवा दो, इन बेचारों की नौकरी भी बच जाएगी और इज्जत भी।

अब बॉल आपके कोर्ट में नेताजी

उझानी को भाषण नहीं, करंट चाहिए। वादे नहीं, वोल्टेज चाहिए। निधि का ताला खोलिए, 10 MVA का ट्रांसफार्मर टिका दीजिए।

जनता कह रही है: “पैसा हमारा, अंधेरा हमारा, तो रहम भी हमीं पर कर दो”। माननीय, मौका है दुआएं बटोरने का। वरना अगली बार वोट मांगने आओगे तो लोग पूछेंगे, “बिजली कहां है?”

— राजेश वार्ष्णेय एमके।

विज्ञापन एक्सप्रेस