बदायूं
184 करोड़ के विकास का दावा, विरोध और हंगामों के बीच खत्म होने जा रहा जिला पंचायत का पांच वर्षीय कार्यकाल
वर्षा यादव ने पेश किया ‘विकास रिपोर्ट कार्ड’, कहा— विरोध के बावजूद गांव-गांव पहुंचाए विकास कार्य
बदायूं। ग्रामीण विकास, राजनीतिक विरोधाभास, बोर्ड बैठकों में हंगामे और लगातार लगते आरोपों के बीच बदायूं जिला पंचायत का पांच वर्षीय कार्यकाल अब समाप्ति की दहलीज पर पहुंच चुका है। कार्यकाल खत्म होने से पहले शनिवार को जिला पंचायत सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव ने अपने पूरे कार्यकाल का विस्तृत लेखा-जोखा मीडिया के सामने रखते हुए दावा किया कि विरोध और विवादों के बावजूद जिला पंचायत ने रिकॉर्ड स्तर पर विकास कार्य कराए हैं।
पत्रकार वार्ता में उनके साथ पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने पांच वर्षों के कार्यकाल को संघर्ष, विरोध और विकास के मिश्रण वाला दौर बताया।
जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव ने बताया कि बीते पांच वर्षों में जिला पंचायत द्वारा कुल 184 करोड़ 35 लाख 72 हजार रुपये का बजट विकास कार्यों पर खर्च किया गया। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में कुल 1477 विकास कार्य कराए गए, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई।
उन्होंने बताया कि पंचायत द्वारा 687 विकास कार्यों के अंतर्गत मिट्टी कार्य, खड़ंजा निर्माण, सीसी रोड और लेपन कार्य कराए गए। इसके अलावा 354 नाला एवं नाली निर्माण कार्य पूरे कराए गए, जिससे गांवों की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया गया। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 6 अमृत सरोवरों का निर्माण और विकास कार्य भी कराया गया।
वर्षा यादव ने कहा कि पांच वर्ष का समय कब गुजर गया, इसका एहसास ही नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत जैसी संस्था में यह कार्यकाल परिवार की तरह बीता, जहां कई बार खट्टी-मीठी परिस्थितियां भी सामने आईं, लेकिन जनता के विकास को प्राथमिकता देते हुए बिना भेदभाव के कार्य कराए गए।
हालांकि जिला पंचायत का यह कार्यकाल लगातार विवादों और विरोध प्रदर्शनों के कारण भी चर्चा में रहा। लगभग हर बोर्ड बैठक में जिला पंचायत सदस्यों द्वारा विकास कार्यों में पक्षपात के आरोप लगाए जाते रहे। कई बैठकों में तीखी नोकझोंक और हंगामे की स्थिति बनी रही। सदस्यों ने आरोप लगाए कि विकास कार्य अध्यक्ष और उनके करीबी क्षेत्रों में अधिक स्वीकृत किए जा रहे हैं, जबकि कई क्षेत्रों की उपेक्षा की गई।
कई बार नाराज सदस्यों ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी भी जताई। इसके बावजूद जिला पंचायत अध्यक्ष ने दावा किया कि राजनीतिक विरोध और लगातार उठते आरोपों के बीच भी विकास कार्यों की गति को रुकने नहीं दिया गया और ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़क, नाली, जल निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने का काम जारी रखा गया।
राजनीतिक जानकार इस प्रेस वार्ता को आगामी जिला पंचायत चुनावों से पहले “विकास रिपोर्ट कार्ड” के रूप में देख रहे हैं। कार्यकाल समाप्त होने से ठीक पहले विकास कार्यों और खर्च किए गए बजट का सार्वजनिक ब्योरा पेश करना राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव के विकास दावों को जनता कितना स्वीकार करती है, क्योंकि पांच वर्षों तक चली राजनीतिक खींचतान, विरोध और विकास कार्यों को लेकर उठते सवाल आने वाले समय में जिला पंचायत की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकते हैं।
केशव गुप्ता




badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com

