मेरे राम कथा आयोजन समिति रिसौली
द्वारा
सेवा और संस्कार को समर्पित श्री राम कथा का सातवा दिवस
ऋषि विश्वामित्र जी राम लक्ष्मण को आशीष देते हैं *
सुफल मनोरथ होहू तुम्हारे
राम लखन सुन भए सुखारे
अगले दिन जनक जी के बुलाने पर विश्वामित्र राम लखन का धनुष यज्ञ मंडप में प्रवेश राम जी को देख सारी सभा मोहित हो गई,सभी राजा धनुष को उठाने का प्रयास करते हुए पर हिला भी नहीं पाते राम जी ने गुरुदेव की आज्ञा से धनुष को तोड़ दिया,सारी सभा में तब जानकी सखियों के साथ आती है ल
जानकी राम जी को जय माला पहनाती हैं 
आकस्मिक परशुराम जी का आगमन हुआ सारी सभा स्तब्ध रह गई
राम लक्ष्मण परशुराम सम्बाद अयोध्या दूत भेजनकर राजा दशरथ सहित बारात निमंत्रण बारात आगमन स्वागत सम्मान श्री राम सीता विवाह बारात अयोध्या बापसी अयोध्या में मंगल उत्सव
विश्वामित्र की विदाई का मार्मिक वर्णन,
राम चरित गाने सुनने सुनाने की महिमा
राजयभिषेक की तैयारी देवताओं की व्याकुलता सरस्वती से प्रार्थना सरस्वती द्वारा मंथरा बुद्धि फेरना केकई मंथरा संवाद आदि की कथा का रसमय वर्णन किया
कथा में हरिओम गॉड रामकथा भागवत वाचक,यजमान राधेश्याम पाली,पंडित सोनू शर्मा जी,विपिन कुमार,भानू चौहान,अबधेश माहेश्वरी,योगेश बजाज,अतुल सोलंकी,दुष्यंत सोलंकी,रामशंकर बैद्य,विकास ठाकुर,आशुतोष तोमर,पंकज मिश्रा,राजेंद्र प्रसाद,पुनेश भारद्वाज,गंगासिंह,कृष्णा गुप्ता आदि सेकड़ो भक्तों ने आरती उतारकर प्रसाद ग्रहण किया ।ई



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