आज से लगेगा रेहडिया मे तीन दिवसीय बाबा कालसेन का मेला
गौर राजपूत समाज की आस्था का प्रतीक है बाबा कालसेन का मंदिर
वजीरगंज बदायूं
विकासखंड वजीरगंज की ग्राम पंचायत रेहडिया मैं हर वर्ष लगने वाला बाबा कालसेन का मेला गौर राजपूत समाज की आस्था और श्रद्धा का प्रतिक है बाबा काल सेन के मंदिर पर बड़ी संख्या में गौर समाज के लोग अपने बच्चों का मुंडन संस्कार करते हैं सर्वप्रथम किसी छोटी बच्ची के मुंडन संस्कार से कार्य प्रारंभ किया जाता है मान्यता है कि यहां पर मुंडन संस्कार करने वाले बच्चे बुद्धिमान बलवान एवं दीर्घायु प्राप्त करते हैं मेले का इतिहास बहुत प्राचीन बताया जाता है
मुरादाबाद फर्रुखाबाद हाईवे किनारे बसा ग्राम रेहडिया मे लगने वाला इस ऐतिहासिक मेले की जानकारी देते हुए मेला अध्यक्ष श्याम पाल सिंह ने बताया कि लगभग साढे चार हजार वर्ष पूर्व रणथंबोर की महारानी किन्ही कारणो से विचरण करती हुई इस स्थान से अपने कुल पुरोहित बाबा कलसेन तथा सैनिकों के साथ गुजर रही थी की तभी उनके रथ की पहिए की धुरी टूट गई जिससे उन्हें इसी स्थान पर रुकना पड़ा लेकिन इस स्थान की सुंदरता को देखकर रानी ने अपने कुल पुरोहित बाबा कलसेन से अनुमति लेकर इसी स्थान को अपना स्थाई निवास बना लिया कुछ समय बाद बाबा कलसेन की मृत्यु होने के बाद इसी मंदिर का निर्माण रानी ने स्वयं अपनी देखरेख में कराया और बताया जाता है कि जो आज गौर समाज के बिसौली तहसील में 87 गांव है वह इन्हीं के वंशज है जो गौर क्षत्रिय ठाकुर के नाम से प्रसिद्ध है मंदिर पर लगने वाले इस ऐतिहासिक मेले में सर्वप्रथम गौर समाज के बच्चों के मुंडन संस्कार कराए जाते हैं मान्यता है कि मंदिर पर मुंडन संस्कार कराए हुए बच्चे बुद्धिमान पहलवान और दीर्घायु को प्राप्त करते हैं तीन दिन चलने वाला यह मेला क्षेत्र में आपसी भाईचारा प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है यहां सर्व समाज के लोग मेले में बड़ी संख्या में आकर बाबा कलसेन के मंदिर पर पूजा अर्चना करते हैं क्षेत्र से ही नहीं दूर-दूर कर आकर दुकानदार भी अपनी दुकान लगाकर मेले से प्रसन्न होकर जाते हैं मेला सुरक्षा व्यवस्था के लिए वजीरगंज पुलिस बल हमेशा तैनात रहता है मेला प्रबंधक डॉक्टर सतीश सिंह गौर निरंतर मेले में आने जाने वाले श्रद्धालुओं एवं दुकानदारों को ठहरने का भी उचित प्रबंध करते हैं
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