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उझानी बदांयू 25 फरवरी।
होलाष्टक शुरू हो गए हैं। इसके साथ ही बाजारों में रौनक बढ़ी है, लेकिन देसी घी, रिफाइंड तेल और मेवों की कीमतों में भारी उछाल से गुझिया समेत त्योहार पर अन्य पकवान बनाना महंगा हो गया है।
बाजारों में होली की रंगत आ चुकी है। मंगलवार से होलाष्टक शुरू होने के साथ ही त्योहार की खरीदारी में तेजी आ गई है। हालांकि, इस बार होली के पकवानों पर महंगाई का साया मंडरा रहा है। पिछले वर्ष के मुकाबले देसी घी, रिफाइंड तेल और सूखे मेवों की कीमतों में भारी उछाल है, जिससे रसोई का बजट बिगड़ गया है।
डेयरी व्यवसायी राकेश कुमार के अनुसार, रसोई के मुख्य सामान की कीमतों में पिछले साल की तुलना में बड़ा अंतर आया है। देसी घी, जो पिछले साल 560-650 रुपये प्रति किलो था, इस बार 680-750 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, रिफाइंड तेल 105-115 रुपये से उछलकर 140-150 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है।



मेवों के बाजार में सबसे अधिक तेजी इलायची और पिस्ता में है। इलायची 3500 रुपये प्रति किलो है, जबकि किशमिश के दाम सीधे दोगुने होकर 500 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। बादाम और काजू की कीमतों में 100 से 150 प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। चिरौंजी जरूर पिछले साल के 2200-2500 के मुकाबले गिरकर 1800-2000 प्रति किलो पर आई है।
गुझिया की मुख्य सामग्री में राहत मेवा विक्रेता सुभाष माहेश्वरी ने बताया कि जहां खाद्य तेलों ने जेब पर भार डाला है, वहीं कुछ राहत भी है। गुझिया की मुख्य सामग्री मैदा (35-40 रुपये) और चीनी (45 रुपये) के दाम पिछले साल के स्तर पर ही स्थिर हैं। प्रसिद्ध ठंडाई 440 रुपये प्रति किलो के पुराने थोक भाव पर है।
राजेश वार्ष्णेय एमके
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