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बदांयू 14 फरवरी।
रंगों की मस्ती और संयम की इबादत एक बार फिर से साथ देखने को मिलेगी। होली और रमजान का खूबसूरत मेल लगातार तीसरे वर्ष बना है। यह आस्था और उल्लास के अनोखे संगम को दर्शाता है। एक ओर जहां होली भाईचारे और खुशियों के रंग बिखेरेगी, वहीं रमजान सब्र, आत्मसंयम और आत्मशुद्धि का संदेश देगा। दोनों पर्वों का दुर्लभ संयोग समाज की तहजीब और सांस्कृतिक सौहार्द की सशक्त तस्वीर पेश कर रहा है।
इस वर्ष रमजान की शुरुआत 17 या 18 फरवरी से होने की संभावना है। इस स्थिति का असर अगले लगभग 11 वर्षों तक देखने को मिलेगा। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार रमजान का महीना 33 वर्षों में सभी मौसमों सर्दी, गर्मी और बारिश का एक चक्र पूरा करता है।
खास बात यह है कि इस बार भी रमजान के दौरान ही होली का पर्व मनाया जाएगा। होली का पर्व 4 मार्च को मनाया जाएगा। इससे दोनों समुदायों में आपसी समझ, सांस्कृतिक मेल और सौहार्द का माहौल और मजबूत होगा। शहर और ग्रामीण इलाकों में दोनों पर्वों के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
रमजान की अवधि-
होली की तारीख
2024-11 मार्च से 09 अप्रैल तक-25 मार्च
2025-02 मार्च से 31 मार्च तक-14 मार्च
2026-18 फरवरी से 19 मार्च तक- 04 मार्च
तीस साल बाद फरवरी में शुरू हो रहा रमजान
इबादत, सब्र और आत्मसंयम का मुकद्दस महीना रमजान इस बार लगभग तीस वर्ष बाद फरवरी में शुरू होने जा रहा है। ठंडे मौसम में रोजे होने से युवाओं के साथ बच्चों में भी खासा उत्साह है। बदांयू के मौलाना ने बताया कि इससे पहले वर्ष 1995 में 1 फरवरी को रमजान की शुरुआत हुई थी। रमजान का महीना लगभग 33 वर्षों में सभी मौसमों का एक चक्र पूरा करता है।


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