शहर को खोद-खोदकर बनाए नालों का क्या हुआ? बारिश में पूरा बदायूं ही बना ‘नाला’
जगह-जगह जलभराव से जनता परेशान, जल निकासी और नाला निर्माण के दावों पर उठे सवाल
बदायूं। शहर में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जगह-जगह सड़कों को खोदकर बनाए गए नाले बारिश के दौरान कितने कारगर साबित हुए, यह सवाल अब शहरवासियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। बारिश के बाद कई इलाकों में सड़कों और गलियों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालात को लेकर लोगों के बीच सवाल उठ रहा है— “शहर को खोद-खोदकर जो नाले बनाए गए, आखिर उनका क्या हुआ? जब बारिश में पूरा शहर ही नाला बन गया तो नाला निर्माण और सफाई का फायदा कहां दिखाई दे रहा है?”
कई स्थानों पर जलभराव के कारण सड़क और नाले का अंतर तक समझना मुश्किल हो गया। पैदल राहगीरों के साथ ही दोपहिया और अन्य वाहन चालकों को भी पानी के बीच से गुजरना पड़ा। दुकानों और घरों के आसपास पानी जमा होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
बारिश के दौरान सामने आई स्थिति ने नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था और नाला निर्माण की उपयोगिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहरवासियों की मांग है कि नगर पालिका जलभराव वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर नालों में पानी का प्रवाह सुनिश्चित करे और उन स्थानों पर तत्काल सुधार कराए जहां बार-बार पानी भर रहा है।
badaunexpress.com badaunexpress.com | www.badaunexpress.com
