कैंची धाम में टूटा आस्था का रिकॉर्ड: 55 हजार ने दोपहर तक टेका माथा, 2 लाख पार जाएगी भीड़।

DM का मास्टरस्ट्रोक फेल: निजी वाहन बैन, 6 शहरों से शटल, फिर भी 10 किमी लंबा जाम।
कैंची धाम से संपादक – सुशील धींगडा की रिपोर्ट।
कैंची धाम नैनीताल 15 जून।
बाबा नीब करौरी महाराज के कैंची धाम का 62वां स्थापना दिवस ऐतिहासिक बन गया। सोमवार को सुबह 3 बजे से ही बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने वालों का रेला टूट पड़ा। दोपहर डेढ़ बजे तक 55 हजार से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। मंदिर समिति और प्रशासन का अनुमान है कि देर शाम तक यह आंकड़ा 2 लाख पार कर जाएगा।
15 जून 1964 को बाबा ने कैंची धाम की स्थापना की थी। 62वें स्थापना दिवस पर आस्था ऐसी कि भक्त रविवार रात से ही धाम पहुंच गए। सड़क किनारे चादर बिछाकर रात गुजारी। सुबह 3 बजे से मालपुआ प्रसाद और दर्शन के लिए किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।
डीएम ललित मोहन रयाल ने निजी वाहनों पर रोक लगाकर नैनीताल, भीमताल, हल्द्वानी, भवाली, काठगोदाम और खैरना से शटल बस सेवा शुरू की। अल्मोड़ा-रानीखेत के यात्रियों को रातीघाट मार्ग से डायवर्ट कर भवाली बाईपास खोल दिया गया।
लेकिन भीमताल, हल्द्वानी और नैनीताल रोड पर सुबह से ही 8-10 किमी लंबा महाजाम लग गया। बुजुर्ग-बच्चे परेशान हुए, कई श्रद्धालु पैदल ही धाम को निकल पड़े।
बाबा का प्रसिद्ध मालपुआ प्रसाद लेने के लिए अलग से लंबी कतारें लगीं। मान्यता है कि इस प्रसाद से हर मनोकामना पूरी होती है। पूरा धाम परिसर ‘जय बाबा की’ के जयकारों से गूंज उठा।
“देर शाम तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहेगी। सभी इंतजाम किए गए हैं।” – ललित मोहन रयाल, डीएम नैनीताल
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